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हिमाचल हाईकोर्ट: विभागीय जांच में संवैधानिक अदालतें अपीलीय प्राधिकारी की भूमिका नहीं निभातीं

Tue, 10 May 2022 08:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 10 May 2022 08:26 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि विभागीय जांच के मामले में संवैधानिक अदालतें अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते समय अपीलीय प्राधिकारी की भूमिका नहीं निभातीं। अदालत का क्षेत्राधिकार कानून, प्रक्रियात्मक त्रुटियों को सुधारने और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन को प्रकट करने वाली त्रुटियों को सुधारना है। 

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Himachal High Court: Constitutional courts do not play the role of appellate authority in departmental inquiry
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि विभागीय जांच के मामले में संवैधानिक अदालतें अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते समय अपीलीय प्राधिकारी की भूमिका नहीं निभातीं। अदालत का क्षेत्राधिकार कानून, प्रक्रियात्मक त्रुटियों को सुधारने और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन को प्रकट करने वाली त्रुटियों को सुधारना है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने बस कंडक्टर की याचिका को खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी है। गबन के आरोपों में सेवा से बर्खास्त किए हिमाचल परिवहन के बस कंडक्टर ने अपनी बर्खास्तगी को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि ऐसे मामलों में गबन किए गए धन की मात्रा नगण्य है।

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कंडक्टर की ओर से निगम को गलत नुकसान और खुद के लिए गलत लाभ ही उसके खिलाफ अपराध दर्ज करने के लिए पर्याप्त है। अदालत ने कहा कि यदि कंडक्टर को इस आधार पर दोषमुक्त किया जाता है कि धन की मात्रा कम थी तो ऐसी स्थिति में कंडक्टर गबन करने में अभ्यस्त हो जाएगा और गबन एक बड़ी राशि में बदल जाएगा। याचिकाकर्ता को करीब 11 हजार रुपये गबन किए जाने के मामले में सेवा से बर्खास्त किया गया था। याचिकाकर्ता ने यह राशि इस आधार जमा नहीं करवाई कि वह बीमार रहता था और मानसिक रूप से परेशान था। विभागीय जांच के दौरान याचिकाकर्ता के इस आधार को झूठा पाया गया था। अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता ने सेवा से बर्खास्त किए गए निर्णय को अपील के माध्यम से चुनौती दी गई थी, जिसे अपीलीय प्राधिकारी ने खारिज कर दिया था। 

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