बच्चे बदलने के मामले को लॉजिकल एंड तक पहुंचाए पुलिस: हाईकोर्ट
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अन्नग्रहण रस्म के बाद दोनों मांएं अंजना और शीतल बच्चों को साथ लेकर हाईकोर्ट पहुंचीं। जन्नत और नितांश की अदला-बदली से अवगत होकर कोर्ट ने मामला खत्म कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस और केएनएच प्रबंधन को निर्देश देते हुए मामले को लॉजिकल एंड तक ले जाने को कहा। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने कार्रवाई की रिपोर्ट को कोर्ट में पेश करने के निर्देश भी दिए।
अदला-बदली के 16 घंटे बाद कोर्ट परिसर में दोनों माताओं ने कराई क्रॉस फीडिंग
बच्चों की अदला-बदली के ठीक सोलह घंटे बाद वीरवार को शिमला हाईकोर्ट परिसर में एक बार फिर दोनों मांएं भावुक हो गईं। बच्चों की अदला-बदली को बताने हाईकोर्ट पहुंचीं शिमला की अंजना ने नितांश और मंडी की शीतल ने अमानत (जन्नत) को फीडिंग करवाई। अन्नग्रहण के बाद बीते बुधवार को जन्नत खलीणी में
अपने असली मां-बाप के बीच तो पहुंच गई पर उसके अभिभावकों को पता नहीं था कि उनकी बच्ची को बोतल से दूध पीने की आदत है। जन्नत की इस आदत का मां को अहसास हुआ तो पिता रात को ही दुकान गए ताकि उनकी नन्हीं परी को कोई कष्ट न सहना पड़े। देर रात दुकान से बोतल खरीदने के बाद उसे दूध पिलाया गया, तब जाकर जन्नत सो पाई।
नैतिक ने पूछा, दीदी क्यों चुप नहीं होती
उधर, अंजना नितांश से मिलने के लिए बेचैन दिखीं। बीती शाम से सुबह का इंतजार कर रही अंजना वीरवार सुबह जैसे ही कोर्ट परिसर पहुंचीं तो शीतल से उसने नितांश का कुशलक्षेम पूछा। अंजना ने बताया कि उसे हर पल नितांश की याद आती है। नितांश के जगने व सोने के वक्त उसकी नींद खुल रही थी।
अंजना ने शीतल को बताया कि वह नितांश को ‘मोह मोह के धागे’ लोरी गाकर सुलाती थी। अंजना ने बताया कि काश नितांश व उसका परिवार मेरे घर पर रहता। शीतल सुबह ड्यूटी पर जाती तो मैं दिन भर नितांश का ख्याल रखती। अंजना ने बताया कि वह जन्नत को राजकुमारी की तरह पालेंगी।
नैतिक छोटे भाई नितांश को बेहद प्यार करता था। इसलिए नितांश जब भी रोता तो नैतिक उसे चुप करवाने के लिए प्यार से छेड़ता था। इसके बाद वह चुप हो जाता था। लेकिन नन्हीं परी अपने भाई के प्यार से चुप नहीं होती। इस पर नैतिक अपनी मां से पूछता है कि मम्मा नन्हीं दीदी क्यों चुप नहीं हो रही।