एचपीसीए मामले में वरिष्ठ एचएएस अधिकारी गोपाल चंद को राहत
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सांसद अनुराग ठाकुर की अगुवाई वाली हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) मामले में वरिष्ठ एचएएस अधिकारी गोपाल चंद पर मुकदमा नहीं चलेगा। एचपीसीए के नाम जमीन हस्तांतरण के केस में सह आरोपी बनाए गए गोपाल चंद के खिलाफ प्रदेश सरकार ने अभियोजन मंजूरी को विदड्रा कर लिया है। गोपाल चंद वर्तमान में बंदोबस्त अधिकारी शिमला हैं। उस दौरान वह अतिरिक्त सचिव राजस्व थे। विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले की चार्जशीट बहुत पहले कोर्ट में पेश कर दी थी।
अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मांगी गई तो राज्य सरकार ने पहले गोपाल चंद के खिलाफ मुकदमे को मंजूरी दे दी। हाल ही में एचएएस गोपाल चंद ने राज्य सरकार को दी एक दरख्वास्त में कहा कि उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। गोपाल चंद वरिष्ठ एचएएस अधिकारी हैं और वह आईएएस अधिकारी के रूप में पदोन्नत होने वाले हैं। ये मामला उनकी प्रमोशन की राह में रोड़ा बना हुआ था।
समीक्षा में पाया, अभियोजन मंजूरी देने में हुई गलती
सूत्रों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गोपाल चंद के आवेदन में दिए तथ्यों की समीक्षा के बाद ये पाया कि इस बारे में अभियोजन मंजूरी देने में गलती हो गई है। इसके बाद इसे विदड्रा कर लिया गया। विजिलेंस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश मिल गए हैं। अब गोपाल चंद पर मुकदमा नहीं चलेगा।
इस मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक सानन, आईएएस अधिकारी अजय शर्मा भी आरोपी बनाए गए। दीपक सानन और अजय शर्मा के खिलाफ भारत सरकार से ही अभियोजन मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि, हिमाचल सरकार ने इनके खिलाफ अपने स्तर पर ही मुकदमा चलाने का फैसला ले लिया था। इस बारे में एचएएस अधिकारी गोपाल चंद का कहना है कि उन्होंने सरकार को रिप्रेजेंटेशन दी थी कि उनके खिलाफ मुकदमा नहीं बनता। इस आग्रह को सरकार ने छानबीन के बाद स्वीकार कर लिया है।