जयराम सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार के फैसले को पलटा, कर्मचारियों को राहत
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जनजातीय इलाकों में सेवाएं दे रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए एडवांस वेतन व्यवस्था दोबारा शुरू हो गई। जयराम सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। शुक्रवार को इस संदर्भ में वित्त विभाग ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। सरकार के इस फैसले के बाद जनजातीय क्षेत्रों में तैनात हजारों कर्मचारी गदगद हैं।
कर्मचारियों के हित में ‘अमर उजाला’ ने लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। कर्मचारियों को अब पहले की ही तरह साल में दो बार एकमुश्त छह-छह महीने का एडवांस वेतन मिलता रहेगा। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सरकार ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के बीच अधिसूचना जारी कर दशकों से चली आ रही इस परंपरा को बंद कर दिया था।
कांग्रेस सरकार के इस फैसले से दुर्गम इलाकों में तैनात कर्मचारी नाराज थे। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी डॉ. मारकंडा ने कर्मचारियों को भरोसा दिया था कि सत्ता में आते ही पुरानी व्यवस्था बहाल की जाएगी।
मारकंडा ने कैबिनेट में उठाया था मामला
एक महीना पहले डा. मारकंडा ने मामले को सीएम के समक्ष और कैबिनेट में उठाया था। जनजातीय क्षेत्रों में करीब 10 हजार सरकारी कर्मचारी तैनात हैं। वित्त विभाग के विशेष सचिव डीडी शर्मा ने जनजातीय क्षेत्रों में एडवांस वेतन व्यवस्था फिर से लागू करने की पुष्टि की है।
लाहौल-स्पीति कर्मचारी महासंघ ने इसके लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और कृषि मंत्री डॉ. मारकंडा का आभार जताया है। महासंघ के अध्यक्ष मेघचंद प्रभुजी ने कहा कि सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को राहत मिली है।
उधर कृषि मंत्री मारकंडा ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के साथ-साथ समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए वचनबद्ध है।