इनवेस्टर मीट से पहले ऑनलाइन सिंगल विंडो सुविधा देगी सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में इनवेस्टर मीट से पहले पूंजीपतियों को लुभाने के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। पूंजीपतियों को विभिन्न विभागों से एनओसी लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है कि अगर एनओसी देने में एक माह से अधिक का समय लगेगा तो इसे स्वयत: मंजूरी माना जाएगा। सेना का सामान तैयार करने वाली कंपनियों से भी सरकार बातचीत कर रही है।
सरकार ने इनवेस्टर मीट से पहले दिल्ली, मुंबई, लुधियाना और गुजरात में रोड शो आयोजित करने का फैसला लिया है। दिल्ली में करीब सौ कंपनियों के सीईओ के साथ सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, ताकि पूंजीपतियों से विचार विमर्श कर नए उद्योगों को स्थापित किया जा सके।
उद्योगों के लिए नीति लचीली बनाएंगे
नौ क्लस्टर बनाकर केंद्र की मंजूरी को भेजे हैं।फलों, पर्यटन, दवा उद्योग, आटोमोबाइल, कपड़ा, आदि उद्योगों के लिए अलग से क्लस्टर तैयार किए हैं। केंद्र से मंजूरी मिलते ही यहां विभिन्न उद्योग लगाए जाएंगे।इनवेस्टर मीट में पर्यटन उद्योग के लिए सरकार ने निजी भूमि का चयन कर लिया है। अगर कोई पूंजीपति ज्यादा जमीन की मांग करता है तो निजी भूमि का अधिग्रहण करके पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देंगे।
इनवेस्टर मीट का सफल बनाने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। सरकार ने क्लस्टर बनाकर केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा है। मीट से पहले रोड शो होंगे। नए उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक नीति को लचीला बनाया जा रहा है। अभी तक आटा चक्की और सोडा प्लांट नकारात्मक उद्योगों में शामिल रहे हैं। कई अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर नीति को लचीला बनाया जा रहा है। सरकार हर 15 दिन में इनवेस्टर मीट को लेकर समीक्षा करेगी।- बिक्रम सिंह, उद्योग मंत्री