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कोविड से अनाथ बच्चों की परवरिश के लिए हर महीने 2500 रुपये देगी हिमाचल सरकार
Tue, 18 May 2021 10:05 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 18 May 2021 10:05 PM IST
सार
हिमाचल में कोविड महामारी से अनाथ हुए बच्चों को 18 वर्ष आयु तक 2500 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा दिया जाएगा।
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सीएम जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में अब तक कोविड महामारी से सात बच्चे अनाथ हुए हैं। ये अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं। सरकार ने उनके अभिभावकों से संपर्क किया है, लेकिन उन्होंने इन बच्चों को शिशु देखभाल केंद्र में भेजने से मना कर दिया है। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे बच्चों को पालक देखभाल में रखने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू करें। उन्हें 18 वर्ष आयु तक 2500 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि 18 वर्ष की आयु तक के ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड महामारी के कारण माता-पिता को खो दिया है या कोविड से पीड़ित हैं, उनकी शिशु देखभाल केंद्रों में आश्रय और देखभाल की जाएगी। उनको उनकी ऑनलाइन शिक्षा जारी रखने में सक्षम बनाने के लिए 2000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत वर्तमान में 598 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि कोरोना महामारी से न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, बल्कि बहुत से बच्चे अनाथ हुए हैं। प्रदेश सरकार अनाथ बच्चों के अलावा संकट में चल रहे सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। राज्य सरकार किसी अन्य परिवार के साथ रह रहे 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों की देखरेख के लिए 2500 रुपये प्रतिमाह दे रही है।
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जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले से ही बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए राज्य में कई योजनाएं क्त्रिस्यान्वित की हैं। उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा आश्रय मातृ संबल योजना के अन्तर्गत विधवाओं को दो बच्चों के भरण-पोषण के लिए 18 वर्ष की आयु तक प्रति वर्ष 6000 रुपये प्रति बच्चे की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 35000 रुपये से अधिक नहीं है, उन्हें भी इस योजना के अन्तर्गत लाया गया है।
सरकार ने तय किए निजी अस्पतालों में बिस्तरों के शुल्क
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने रोगियों को दी जा रही सुविधाओं के लिए निजी अस्पतालों के शुल्क तय किए हैं। साधारण बिस्तर के लिए प्रतिदिन 800 रुपये, ऑक्सीजन युक्त बिस्तर के लिए 4000 रुपये प्रतिदिन तय किए गए हैं। सरकार ने राज्य के भीतर और बाहर के निजी अस्पतालों को कोविड-19 रोगियों के लिए 9000 रुपये प्रतिदिन प्रति आईसीयू बिस्तर देने का भी निर्णय लिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इससे कोविड-19 के रोगियों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्हें बिस्तरों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमित मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक स्थानों तक पहुंचाने के लिए डेड बॉडी वैन उपलब्ध करवाएगी, जिससे लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रदेश सरकार ने राज्य में कोविड-19 के मामलों में हो रही तीव्र वृद्धि के दृष्टिगत मौजूदा संस्थानों में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने और कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए अस्थायी अस्पतालों का निर्माण करने का निर्णय भी लिया है।