फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Govt Takes Major Decision on Entry Tax; CM Announces in Assembly

Himachal: एंट्री टैक्स पर सरकार का बड़ा फैसला, अब इतने रुपये वसूला जाएगा शुल्क, सीएम ने विधानसभा में किया एलान

Tue, 31 Mar 2026 04:07 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 31 Mar 2026 04:07 PM IST
सार

पंजाब और हरियाणा के विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने टोल टैक्स की दरों में कटौती कर दी है। 

विज्ञापन
Himachal Govt Takes Major Decision on Entry Tax; CM Announces in Assembly
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब और हरियाणा के विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने टोल टैक्स की दरों में कटौती कर दी है। सरकार ने एंट्री टैक्स का युक्तिकरण किया है। बाहरी राज्यों से आने वाली पांच से 12 सीटर तक वाली निजी गाड़ियों को अब 100 रुपये प्रवेश शुल्क चुकाना होगा। अभी तक पांच सीटर कार को 70 रुपये जबकि 12 सीटर गाड़ी को 110 रुपये शुल्क चुकाना पड़ रहा था। सरकार ने बीते दिनों इन दोनों श्रेणियों की गाड़ियों के शुल्क को बढ़ाकर 130 रुपये कर दिया था।इसको लेकर सीमांत क्षेत्रों पर तनाव बढ़ गया था। बीते रोज पंजाब और हरियाणा के विभिन्न संगठनों ने विरोध स्वरूप चक्का जाम किया था। 31 मार्च की रात से हिमाचल से आने-लाने वाली हर प्रकार की गाड़ी को रोकने की चेतावनी दी थी। इसी कड़ी में मंगलवार को सरकार ने दरों का युक्तिकरण करते हुए नई दरों की घोषणा की है।

विज्ञापन

निजी वाहनों के रियायती पास बनेंगे
सरकार ने प्रदेश के टैक्सी चालकों को भी बड़ी राहत दी है। हिमाचल नंबर की पांच सीटर टैक्सी को अब तक शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। अब 12 सीटर तक टैक्सी को शुल्क से छूट देने का फैसला लिया गया है। टोल बैरियर के पांच किलोमीटर की परिधि में रहने वाले हिमाचल और पड़ोसी राज्यों के लोगों के निजी वाहनों के रियायती पास बनेंगे। पहले सिर्फ हिमाचल के लाेगों के पास बनते थे। पास कितनी राशि का बनेगा, इसको लेकर एक-दो दिन में दरें तय होंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

एंट्री टैक्स को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा: सीएम
मंगलवार को विधानसभा में भोजन अवकाश के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि गाड़ियों के एंट्री टैक्स को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। टोल टैक्स में कोई खास बढ़ोतरी नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कारों के लिए सीटों के आधार पर एंट्री टैक्स की व्यवस्था थी अब इनका फास्टैग सुविधा के साथ युक्तिकरण किया गया है। फास्टैग के तहत 6 टायर ट्रक की फीस पहले 320 थी अब भी यह 320 रुपये ही है। 10, 12 और 14 टायर डबल एक्स एल ट्रक फीस 570 थे अब भी 570 ही है। 10, 12 और 14 टायर थ्री एक्स एल ट्रक पहले 570 अब 30 रुपये बढ़ाए हैं। मल्टी एक्सएल ट्राला, भारी मशीनरी की फीस 720 थी अब 800 रुपये की है।

 
विज्ञापन

मान ने नहीं सुना फोन, राजा वड़िंग से भी की बात: सुक्खू
 मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को लेकर मैंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फोन किया था लेकिन उन्होंने फोन नहीं सुना। मैंने इसे लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से भी बात की। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों रियायती पास बनाने का आग्रह किया। वहीं विधानसभा के व्यवस्था के प्रश्न  के दौरान सदस्य सतपाल सत्ती ने कहा कि जिन अधिकारियों पर पहले आरोप लगते थे, उन्हें अब अच्छे पदों पर तैनात किया जा रहा है। उन्होंने एंट्री टोल टैक्स की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि ठेकेदार इसमें अपनी जेब भर रहे हैं। इसके अलावा, हर वर्ष अपने रिश्तेदारों का नाम बदलकर नई कंपनियां बना दी जाती हैं, जिससे पारदर्शिता और सही संचालन प्रभावित हो रहा

एंट्री टैक्स और सेस वृद्धि के खिलाफ भाजपा विधायकों ने किया प्रदर्शन
 वहीं भाजपा विधायक दल ने मंगलवार को एंट्री टैक्स वृद्धि और पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने के निर्णय के विरोध में विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में एकजुट हुए भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए विधानसभा के मुख्य गेट तक मार्च करते हुए सरकार के खिालाफ नारेबाजी की। मीडिया को संबोधित करते हुए नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार जहां मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात देख देश में नागरिकों को पेट्रोल और डीजल के दाम में वैट दस रुपये घटाकर राहत दे चुकी है तो दूसरी और हिमाचल में सुक्खू सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जो न केवल प्रदेश की जनता की कमर तोड़ रहे हैं, बल्कि अब इन फैसलों की गूंज पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा तक पहुंच गई है। दूसरे राज्यों के लोग और ट्रांसपोर्टर इस वृद्धि के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।

जयराम ठाकुर ने ये कहा
जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि छोटी गाड़ियों पर लगने वाले एंट्री टैक्स को 70 रुपये से बढ़ाकर सीधे 170 रुपये और बड़ी गाड़ियों के लिए इसे एक हजार रुपये तक कर दिया गया है, जो न केवल तर्कहीन है बल्कि पर्यटन पर आधारित हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम साबित होगा। विधानसभा में एक्ट पास कर पेट्रोल और डीजल में पांच रुपये विधवा और अनाथ सेस लगाकर जनता पर भारी बोझ लादने की तैयारी कर ली है। नेता विपक्ष ने चिंता जताई कि सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह निर्णय दैनिक आर्थिक उगाही जैसा बोझ बन जाएगा, जिससे आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने की कगार पर हैं। टैक्स वृद्धि के विरोध में पड़ोसी राज्यों के लोगों ने 31 मार्च की रात से प्रदेश में वाहनों का प्रवेश बंद कर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

एंट्री टैक्स को लेकर संघर्ष बुधवार सुबह आठ बजे तक किया स्थगित
प्रदेश में लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब, हिमाचल और हरियाणा के बीच चल रहा विवाद के बीच प्रदर्शनकारियों ने अपना संघर्ष बुधवार सुबह 8:00 बजे तक स्थगित कर दिया है। हिमाचल सरकार ने 5, 7 और 12 सीटर वाहनों पर छूट दे दी है। इसमें पुराने टैक्स ही लगेंगे लेकिन उनकी मांग है कि हिमाचल का साथ लगते जिलों को छूट दी जाए। इन जिलों के लोगों की रिश्तेदारियों हिमाचल में हैं और इनका आना जाना लगा रहता है। हिमाचल सरकार ने नई नोटिफिकेशन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन पंजाब के आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सीमा से लगे जिलों को पूरी तरह छूट नहीं मिलती, संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष को सुबह 8:00 बजे तक स्थगित किया गया है। जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती तब तक टोल फ्री कर दिया जाए।

पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा और पूर्व डीआईजी दलजीत सिंह राणा ने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में हिमाचल सरकार पीछे हटने लगी है। अभी तक उन्होंने पंजाब के लोगों के करीब 50 करोड़ रुपये की जबरन वसूली रुकवा दी है। यह उनकी आंशिक जीत है, पूरी जीत अभी बाकी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हिमाचल सरकार यातायात सामान्य करना चाहती है तो पंजाब से लगते सभी 33 एंट्री टैक्स नाकों को तुरंत फ्री किया जाए और टैक्स वसूली बंद की जाए। अन्यथा 1 अप्रैल से पंजाब-हिमाचल सीमा पर पूर्ण चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह लड़ाई सिर्फ निजी वाहनों की नहीं है, बल्कि टैक्सी चालकों, ट्रक यूनियनों और किसानों की भी है, जो इस गैर वाजिब टैक्स के खिलाफ एकजुट हुए हैं। आंदोलनकारियों की मांग है कि रूपनगर, पठानकोट, होशियारपुर और मोहाली जैसे सीमा से जुड़े जिलों को पूरी तरह छूट दी जाए। इस मौके पर पूर्व डीआईजी जेल दलजीत सिंह राणा, किरती किसान मोर्चा के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह भुट्टो सहित कई नेता मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि जब तक एंट्री टैक्स पूरी तरह खत्म नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed