दुराचार मामले की सूचना छिपाने वाले अफसरों पर गाज गिरना तय
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जिला चंबा के एक सरकारी स्कूल में दो नाबालिग छात्राओं के साथ दुराचार का मामला दबाने पर सरकार ने कड़ा नोटिस लिया है। इस गंभीर मामले की सूचना सरकार को तत्काल न देने वाले दोषी अधिकारियों पर अब गाज गिरना तय है।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया और उन्होंने एक पत्र सरकार को भेजा है। आयोग के इस पत्र के बाद राज्य सरकार हरकत में आई और शिक्षा सचिव ने अब चंबा जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित उच्च शिक्षा निदेशक और उप निदेशक चंबा से लिखित जवाब तलब किया है।
सरकार ने पूछा है कि इन गंभीर मामलों को क्यों छिपाया गया और इसके लिए कौन दोषी हैं? यह बताया जाए। इसके अलावा शिक्षा सचिव ने साफ शब्दों में कहा है कि दस्तावेज भेजकर यह बताया जाए कि क्या उपयुक्त कदम उठाए गए हैं।
यह था मामला
शिक्षा सचिव ने 10 सितंबर को भेजे इस पत्र में कहा है कि शिक्षा विभाग ने यह गलती की है कि इन दोनों मामलों को सरकार के समक्ष नहीं रखा। अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। चूंकि अधिकारियों का कर्तव्य बनता था कि इसकी सूचना तुरंत सरकार को देते।
ऐसा न करने पर शिक्षा विभाग के चंबा में तैनात अधिकारियों पर सरकार कार्रवाई करने का मूड बना चुकी है। शिक्षा सचिव अरुण शर्मा ने बताया कि इस संबंध में जिले के शिक्षा अधिकारियों और डीसी को पत्र भेजा गया है। इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है, यह सूचना आनी बाकी है।
चंबा के एक सरकारी स्कूल के चपरासी ने दो नाबालिगों से दुराचार किया था। इसके बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। चपरासी को गिरफ्तार किया गया था। चपरासी जेल में है।