आईजीएमसी में युवक की मौत पर सरकार ने मांगी जांच रिपोर्ट
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आईजीएमसी की इमरजेंसी में दर्द निवारण टीका लगाने के बाद युवक की मौत मामले पर सरकार ने जांच रिपोर्ट मांगी है। अस्पताल प्रबंधन से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट सौंपने के साथ ही सुनिश्चित करे कि डॉक्टर दोषी है तो कड़ी कार्रवाई की जाए। उधर, घटना के बाद से ही अस्पताल प्रबंधन ने अपने स्तर पर विभागीय जांच शुरू कर दी थी। लेकिन अब सरकार के जांच संबंधी निर्देश आने पर जांच रिपोर्ट को फिर से तैयार किया जा रहा है। मरीज के ट्रीटमेंट रिकॉर्ड को पहले ही जब्त कर लिया गया था।
इस मामले में दस सितंबर को आईजीएमसी में सुबह साढ़े पांच बजे बिलासपुर के 26 साल के युवक वरुण को दर्द होने के बाद अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों का कहना था कि मरीज को किडनी स्टोन है। मरीज का एक्सरे, ईसीजी व सीटी स्कैन करवाया गया। लेकिन मरीज को उपचार नहीं दिया गया। परिजन मरीज की तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टर से बार-बार मरीज को देखने का आग्रह कर रहे थे। लेकिन डॉक्टर के न आने और अधिक दर्द होने पर पेन किलर देने की बात कही गई।
दर्द निवारक टीके के दस मिनट बाद ही मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत हुई है। मौत पर बवाल होते ही अस्पताल प्रबंधन ने युवक की ट्रीटमेंट फाइल को छेड़छाड़ की आशंका के चलते सीज कर लिया था। प्रबंधन ने सर्जरी, यूरोलॉजी व मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष को जांच की जिम्मेदारी दी। अब जांच संबंधी सरकार के आदेश होने पर इस जांच को क्रॉसचेक किया जा रहा है। जल्द ही विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।
सरकार के आदेश पर की जा रही जांच
युवक की मौत पर सरकार ने जांच बैठाने के आदेश दिए हैं। इस मामले को लेकर जांच कमेटी बैठा दी गई है जोकि जांच पूरी कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।
- डॉ. जनक राज, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
पहली रिपोर्ट से प्रिंसिपल असंतुष्ट- सूत्रों की मानें तो युवक की मौत के बाद विभागीय स्तर की जांच रिपोर्ट पूरी हो चुकी है लेकिन इस रिपोर्ट से कॉलेज प्रिंसिपल संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में नए सिरे से जांच कर तमाम पहलुओं को देखते हुए रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।