माफ होगा 46 बिजली प्रोजेक्टों का जुर्माना, प्रस्ताव बनाने में जुटा ऊर्जा विभाग
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प्रदेश सरकार की ओर से देरी के चलते लंबित पड़े 25 मेगावाट से अधिक क्षमता के 46 बिजली प्रोजेक्टों पर लगाया गया जुर्माना माफ किया जाएगा। सात हजार मेगावाट का उत्पादन जल्द शुरू करने के लिए ऊर्जा महकमा प्रस्ताव तैयार कर रहा है। अगली कैबिनेट बैठक में इस मामले को मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।
25 मेगावाट से अधिक क्षमता के आवंटित 46 प्रोजेक्ट लंबे समय से शुरू नहीं हो पा रहे हैं। विभिन्न विभागों से मंजूरी न मिलने और भूमि अधिग्रहण न होने से सात हजार मेगावाट की क्षमता वाले ये प्रोजेक्ट फंसे हुए हैं। बुधवार शाम को ऊर्जा महकमे ने लंबित प्रोजेक्टों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर देरी के कारण जाने।
अधिकांश उत्पादकों ने ट्रांसमिशन लाइन नहीं होने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जटिल होने, वित्तीय कारण और वन स्वीकृतियां नहीं मिलने का मामला उठाया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण कपूर ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट शुरू करने में हो रही देरी के कारण सरकार की वजह है तो उत्पादकों पर लगा गया जुर्माना माफ कर दिया जाएगा।
अगर बिजली उत्पादकों की वजह से प्रोजेक्ट लंबित हैं तो जुर्माना देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन लाइन न होने की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। भारत सरकार के साथ इस मामले को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है। जल्द ही प्रस्तावित प्रोजेक्टों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने का काम शुरू हो जाएगा।
विभागीय मंजूरियों को जल्द देने के लिए संबंधित विभागों से बात की जाएगी। वित्तीय मामलों को लेकर बैंकों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने बताया कि चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिला में 25 मेगावाट से अधिक क्षमता के बिजली प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं।