बाहरी बसों और टेंपो की एंट्री महंगी, कंपोजिट शुल्क वसूलने का लिया फैसला
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हिमाचल में अब बाहरी राज्यों से आने वाले कांट्रेक्ट कैरेज (व्यावसायिक) वाहनों की एंट्री मंहगी होगी। मंत्रिमंडल ने पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हरियाणा की तर्ज पर इन वाहनों की एंट्री पर 2500 से लेकर 8000 रुपये तक कंपोजिट शुल्क वसूलने का फैसला लिया है।
इन वाहनों के प्रवेश पर अभी तक महीने में तीन चक्कर लगाने के दस हजार रुपये कंपोजिट शुल्क के रूप में लिए जाते थे। नई व्यवस्था के तहत अब बाहरी राज्यों से हिमाचल में प्रवेश करने पर इस श्रेणी के वाहनों से हर बार शुल्क लिया जाएगा।
मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन को मंजूरी
शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कांट्रेक्ट कैरेज वाहनों के शुल्क ढांचे के युक्तिकरण के लिए मोटर वाहन अधिनियम 1999 के नियम-69ए के संशोधन को मंजूरी दी गई।
प्रदेश सरकार का मानना है कि हिमाचल से जब भी बाहरी राज्यों को इस तरह के वाहन जाते हैं, उन्हें हर बार इस शुल्क की अदायगी करनी पड़ती है। इसके चलते प्रदेश सरकार ने भी अपने नियमों में संशोधन करने का फैसला लिया है।
सरकार के फैसले से प्रदेश के खजाने में करोड़ों रुपये अतिरिक्त आएंगे। पर्यटन सीजन के दौरान हिमाचल में बाहरी राज्यों से हर हफ्ते 5 से 7 हजार कांट्रेक्ट कैरेज आते हैं। कांट्रेक्ट कैरेज वाहनों में टैंपो ट्रेवलर से लेकर वॉल्वो और प्राइवेट ऑर्डिनरी बसें आती हैं।