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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal govt notification of Himachal Pradesh Fruit Nurseries Registration and Regulation Act 2015

बिना लाइसेंस फलदार पौधे या कलमें बेचीं तो एक साल कैद

Sun, 05 Jan 2020 10:25 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 05 Jan 2020 10:25 AM IST
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himachal govt notification of Himachal Pradesh Fruit Nurseries Registration and Regulation Act 2015
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

बिना लाइसेंस सेब या अन्य फलों के पौधे या कलमें बेचने वाले को एक साल की कैद और 50 हजार तक जुर्माना होगा। गैर पंजीकृत नर्सरी पाई गई तो उसे भी नष्ट किया जाएगा। हिमाचल सरकार ने नया नर्सरी कानून लागू कर दिया है। यह कानून चार साल पहले वीरभद्र सरकार में बन गया था, पर इसके नियम नहीं बने थे। अब नियम बनाकर जयराम सरकार ने इसे लागू कर दिया है।

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सरकार ने हिमाचल प्रदेश फल पौधशाला रजिस्ट्रीकरण और विनियमन अधिनियम 2015 नाम के इस कानून की अधिसूचना जारी कर दी है। एक जनवरी 2020 से इसे लागू कर दिया गया है। हिमाचल में लाखों बागवान इन दिनों सेब पौधरोपण की प्रक्रिया में जुट गए हैं। नए एक्ट में कोई भी व्यक्ति जिसके पास फलदार पौधों की नर्सरी है, लेकिन कंपीटेंट अथॉरिटी के पास बिना पंजीकरण और लाइसेंस सेब या अन्य फलों के पौधे नहीं बेचेगा।
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न ही वह बड वुड यानी कलमें और दूसरे प्लांट मैटीरियल बेच सकेगा। अगर किसी व्यक्ति की एक से अधिक जगह पर किसी भी तरह की नर्सरी होगी या बड वुड बैंक होगा तो उसे उसका अलग पंजीकरण करना होगा। 
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नर्सरी और बड वुड बैंक का लाइसेंस पांच साल के लिए मान्य होगा। इसके बाद रिन्यू करवाना जरूरी होगा। लाइसेंस के गुम या नष्ट होने पर डुप्लीकेट लाइसेंस देने का भी प्रावधान होगा। अगर किसी को लाइसेंस देने में अथॉरिटी आनाकानी करे तो नर्सरी उत्पादक और बड वुड मालिक इसकी अपील कर सकेगा। प्राधिकृत एजेंसी की ओर से सुझाए रूट स्टॉक और प्रजातियों को ही नर्सरी मैन इस्तेमाल कर पाएगा।


नर्सरी मैन या पौधशाला पालकों की फर्म जहां से मैटेरियल लिया जाएगा, उसके पास प्रोपेगेट की प्रजाति के कम से कम 25 फलदार पेड़ होने चाहिए। हर नर्सरी पर एक बोर्ड डिसप्ले होना चाहिए। इसमें नर्सरी का नाम, लाइसेंस नंबर और इसकी अवधि अंकित होनी चाहिए। हर नर्सरी मैन को पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, जिसका कभी भी निदेशक या अन्य इंस्पेक्टर निरीक्षण कर सकते हैं। हर पौधे पर किस्म का नाम, प्रकार और रूट स्टॉक का नाम लिखना होगा।

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