बांड तोड़ने वाले 27 डॉक्टरों को नोटिस, दूसरे राज्यों में दे रहे सेवाएं
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बांड तोड़कर दूसरे राज्यों में सेवाएं देने वाले 27 डॉक्टरों को सरकार ने फिर नोटिस जारी किए हैं। हिमाचल में पीजी और एमडी करने के बाद ये चिकित्सक बाहरी राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने इन्हें बांड जमा करने को कहा है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इन डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। हालांकि, दो डॉक्टरों ने बांड मनी जमा कराई है, जबकि अन्य तीन चिकित्सकों ने हिमाचल में सेवाएं देने की इच्छा जताई है। इससे पहले भी डॉक्टरों को नोटिस दिए गए थे।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डॉक्टर के स्पेशलिस्ट बनने में 10 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आता है। एमबीबीएस के बाद पीजी करने वाले डॉक्टरों पर 8 लाख रुपये से ज्यादा खर्च होता है। सरकार डॉक्टरों पर लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन जब सेवाएं देने की बारी आती है को कई चिकित्सक हिमाचल में सेवाएं देने की बजाय दूसरे राज्यों में सेवाएं देना पसंद करते हैं।
इसका कारण दूसरे राज्यों में ज्यादा पैसा मिलना है। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि बांड तोड़कर जाने वाले डॉक्टरों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
इसलिए भरा जाता है बांड
पीजी करने के बाद जब डॉक्टर एमडी और एमसीएच करते हैं तो उन्हें शपथपत्र में बांड मनी भरनी होती है। अगर कोई डॉक्टर बाहर जाना चाहता है तो उनसे यह पैसा रिकवर किया जाता है।
दो डॉक्टरों ने जमा कराई है बांड मनी
दो डॉक्टरों ने 55 लाख रुपये जमा करा दिए हैं। दो ने हिमाचल में सेवाएं देने की हामी भरी है, जबकि एक डॉक्टर सरकार के संपर्क में है। इनमें पांच ने हिमाचल में सेवाएं देने की बात कही है। ये सभी डॉक्टर प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर हैं।