स्कूली बच्चों की स्मार्ट वर्दी पर गंभीर नहीं प्रदेश सरकार
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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8.5 लाख विद्यार्थियों को दी जाने वाली स्मार्ट वर्दी को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। वर्दी की खरीद को लेकर हुए टेंडर विवाद और वर्दी की घटिया क्वालिटी के सैंपल मामले को लेकर शिक्षा और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
विद्यार्थियों को कब तक स्मार्ट वर्दी मिलेगी? टेंडर प्रक्रिया किन कारणों से रुकी? मामला सुलझाने को दोनों विभाग क्या प्रयास कर रहे हैं? इस सत्र में वर्दी न मिलने के लिए जिम्मेवार अफसरों पर क्या कार्रवाई होगी? इन सवालों का मंत्रियों के पास कोई जवाब नहीं है। ऐसे में अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत पहली बार दी जाने वाली कलरफुल वर्दी का मामला सिरे चढ़ता नहीं दिख रहा है।
पहली से जमा दो कक्षा तक पढ़ने वाली छात्राओं को तीन रंगों की चेकदार स्मार्ट वर्दी देना प्रस्तावित है। सरकार ने लड़कियों के लिए लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी को मंजूर किया है। छठी से बारहवीं तक छात्राओं को दुपट्टा भी दिया जाएगा। लड़कों की वर्दी हरे रंग की पैंट और हरे रंग की चेक कमीज होगी।
यह है मामला
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने वर्दी की खरीद का जिम्मा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को सौंपा है। बीते दिनों निगम ने इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए। बताया जा रहा है कि टेंडर अवार्ड करने की स्थिति में पहुंचते ही कुछ कंपनियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। सरकार से टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने की शिकायत भी की है। कलरफुल वर्दी के कुछ सैंपल भी गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं।
मेरी जानकारी में टेंडर विवाद मामला नहीं है। खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम से अगर मामले की फाइल वापस भेजी गई है तो शिक्षा सचिव के पास होगी। उनसे इस बाबत बात करूंगा। - सुरेश भारद्वाज, शिक्षा मंत्री
खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से भेजी गई फाइल के मामले में जल्द शिक्षा मंत्री से बात करूंगा। स्कूली बच्चों को गुणवत्ता युक्त वर्दी उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। - किशन कपूर, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री