हिमाचल में बड़े भूकंप की आशंका, सरकार ने किया अलर्ट
देवभूमि हिमाचल में बड़ा भूकंप आने की आशंका है। विभिन्न शोधों में यह बात सामने आने के बाद सरकार ने अलर्ट जारी किया है। भूकंप के लिहाज से पूरा हिमाचल अति संवेदनशील और संवेदनशील जोन में आता है। कांगड़ा जिला जोन पांच जबकि शिमला जोन चार में आता है।
एक सप्ताह में तीन बार भूकंप आने के बाद सरकार के एक प्रवक्ता ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि राज्य में जनवरी 2019 से अब तक 4.3 या इससे कम तीव्रता के 14 झटके महसूस किए जा चुके हैं।
चंबा जिले में छह, किन्नौर में तीन, मंडी में दो, शिमला और कांगड़ा में एक-एक बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। इनमें से अधिकांश झटके 20 किलोमीटर की अधिकतम गहराई वाले थे। उन्होंने बताया कि भूकंप कुछ क्षणों में ही बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकता है और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो सकते हैं।
सरकार लोगों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जागरूकता पैदा कर रही है और समय-समय पर चेतावनी भी जारी कर रही है। खासकर आम लोगों को भूकंप रोधी आवास बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
लाहौल-स्पीति में सोमवार सुबह झटके
प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सोमवार सुबह नौ बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 आंकी गई। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। जिले के कई क्षेत्रों में इस कारण कुछ देर के लिए अफरातफरी मची रही। प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान सोमवार को तीसरी बार भूकंप आया। इससे पहले 25 जुलाई को चंबा और 23 को किन्नौर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
पांच सेंटीमीटर प्रति वर्ष की रफ्तार से इंडियन प्लेट यूरेशियन प्लेट की ओर खिसक रही है। इससे जो तनाव पैदा होता है, वह भूकंप के रूप में सामने आता है। इन सारी गतिविधियों पर उत्तराखंड का वाडिया इंस्टीट्यूट स्टडी करता है। धर्मशाला में भी नड्डी में इस संस्थान अध्ययन केंद्र बनाया गया है। - पुनीत गुलेरिया, राज्य भू विज्ञानी