कंप्यूटर शिक्षकों को मिलने वाली है बड़ी खुशखबरी
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निजी कंपनी को एक्सटेंशन देने के खिलाफ लामबंद कंप्यूटर शिक्षकों को लेकर राज्य सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह नौ बजे कंप्यूटर शिक्षकों और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को अपने निजी आवास हॉलीलाज में बुलाया है। साढ़े नौ बजे मुख्यमंत्री ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर जाना है। शुक्रवार को युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह की अगुवाई में कंप्यूटर शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से उनकी निजी आवास में मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा आउटसोर्सिंग पर तैनात कंप्यूटर शिक्षकों को सरकारी क्षेत्र में शामिल करने पर विचार करने की बात कही। सीएम से मिले कंप्यूटर शिक्षकों ने निजी कंपनी को एक्सटेंशन देने का विरोध जताया। इस पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि शनिवार को शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर फैसला लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग में मर्ज करने की मांग
कंप्यूटर शिक्षक संघ के अध्यक्ष रोशन मेहता ने बताया कि शुक्रवार सुबह सात बजे ही कंप्यूटर शिक्षक अपनी मांगों को लेकर हॉलीलाज पहुंच गए। मुख्यमंत्री को बताया गया कि कंपनी को एक्सटेंशन देने से शिक्षकों में रोष है। उन्होंने कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में मर्ज करने की मांग की। उन्होंने बताया कि साल 2001 में 2260 रुपये वेतन पर शिक्षक तैनात हुए थे।
साल 2015 में भी 6112 रुपये वेतन ही मिल रहा है। उधर, निजी कंपनी को एक्सटेंशन देने के विरोध में कंप्यूटर शिक्षक 28 सितंबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। प्रदेश के 1248 स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा ठप हो गई है। आउट सोर्सिंग पर तैनात 1441 कंप्यूटर शिक्षक निजी कंपनी को एक्सटेंशन देने का विरोध कर रहे हैं।