हिमाचल सरकार ने विधानसभा में पेश किए ये चार विधेयक
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सरकार ने बुधवार को शीत सत्र के तीसरे दिन चार महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में पेश किए। पेश किये गए तीन संशोधित विधेयक और एक नए विधेयक पर शुक्रवार को चर्चा होगी। विधानसभा से पारित होने पर चारों विधेयक राज्यपाल के पास मंजूरी को जाएंगे।
मंजूरी के बाद सरकार अधिसूचना जारी कर इन्हें लागू करेगी। जीएसटी के संशोधित विधेयक के तहत छोटे व्यापारी तिमाही में साधारण टैक्स जमा कर सकेंगे। निवेशकों के हित में भी संरक्षण संशोधन विधेयक पेश किया।
एनडीपीएस के संशोधित अध्यादेश के अनुसार अब कोई भी नशे के साथ पकड़ा गया तो उसकी जमानत कोर्ट में ही होगी। चौथे विधेयक में गोसदन स्थापित करने के लिए नया अध्यादेश लाया जा रहा है।
हिमाचल गोवंश संरक्षण और संवर्धन विधेयक
प्रदेश में परित्यक्त गायों की देखरेख करने वाले गोसदनों, गोशालाओं, गोशरणालय, गोविज्ञान केंद्र और सामुदायिक पशुपालन केंद्रों पर अभी तक किसी संस्था का नियंत्रण नहीं था। ऐसे में इन्हें नियंत्रित करने और गो संवर्धन के लिए गोसेवा आयोग की स्थापना के लिए पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने हिमाचल गोवंश संरक्षण और संवर्धन विधेयक 2018 पेश किया।
इस आयोग में दस गैर सरकारी और 11 सरकारी सदस्य होंगे। पशुपालन मंत्री इसके अध्यक्ष होंगे और एक उपाध्यक्ष की नियुक्ति सरकार करेगी। आयोग गोवंश संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए नीतियां बनाएगा। वधन के लिए ले जाई जाने वाली गायों के संरक्षण के लिए आयोग नियम सख्ती से लागू कराएगा।
नशा मिला तो कोर्ट से ही मिलेगी जमानत
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मादक द्रव्यों के उपभोग पर नकेल कसने के लिए स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2018 पेश किया।
अब मादक द्रव्य मिलने पर सिर्फ कोर्ट से ही आरोपी को जमानत मिलेगी। इससे पहले तक मादक द्रव्य की मात्रा को वाणिज्यिक एवं गैर वाणिज्यिक तौर पर विभाजित कर रखा था। पहले गैर वाणिज्यिक मात्रा मिलने पर कई बार बिना कोर्ट में पेश किए ही आरोपी को जमानत मिल जाती थी।
हाईकोर्ट ने 19 जुलाई 2018 के निर्णय में इस व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने एनडीपीएस एक्ट में संशोधन की कवायद शुरू की है।
निवेशकों के हित होंगे सुरक्षित
राज्य में स्थापित गैर बैंकिंग कंपनियों के कामकाज को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने जो अधिनियम बनाया, उसमें साल 2016 में संशोधन किया गया और यह संशोधित अधिनियम केंद्रीय गृह व वित्त मंत्रालय को भेजा गया।
वित्त व गृह मंत्रालय ने नियमों में कमियां चिह्नित कर उन्हें दूर करने का सुझाव दिया। इसके बाद अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दूसरा संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश किया है।
तिमाही में साधारण टैक्स जमा कर सकेंगे छोटे व्यापारी
व्यापारियों को राहत देने के लिए सरकार ने 29 अक्तूबर 2018 को जीएसटी संशोधन अध्यादेश को लागू किया। चूंकि उस समय सत्र नहीं था, इसलिए सरकार ने अध्यादेश से जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन की लिमिट दस लाख से बीस लाख करने की प्रक्रिया अपनाई।
अब उसी अध्यादेश का विधेयक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में पेश किया है। इसमें दो और बदलाव प्रस्तावित हैं। इनमें सरकार को कंपोजिट डीलर होने की 75 लाख रुपये सालाना की लिमिट को 1.50 करोड़ तक करने की शक्ति दी गई। सरकार चाहेगी तो इसकी सीमा बढ़ा सकती है। कंपोजिट डीलर को एक फीसदी साधारण टैक्स तिमाही में जमा करने की सुविधा देने की भी तैयारी है।