अब इन हथियारों के लिए भी लेना होगा लाइसेंस, दस गुना बढ़ी फीस
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प्रदेश में हथियार का लाइसेंस बनाने की फीस में दस गुना से अधिक की बढ़ोतरी हो गई है। नए एक्ट के अनुसार बंदूक का लाइसेंस बनाने के लिए अब 150 की जगह 1600 रुपये फीस देनी होगी। इसके अलावा हथियार रखने और लाइसेंस बनाने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। नए एक्ट के तहत अब तलवार, कटार और भाला रखने पर भी लाइसेंस लेना होगा।
केंद्र सरकार से अधिसूचना जारी होने के बाद हिमाचल सरकार ने नया आर्म्स एक्ट-2016 को लागू कर दिया है। अब बंदूक रखने के साथ अन्य हथियार रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा। अधिकारी भी आर्म्स लाइसेंस को लेकर फाइल को नहीं रोक सकेंगे। नए एक्ट में अधिकारियों को तय समय में फाइल पर कार्रवाई करनी होगी।
आर्म्स लाइसेंस में भी फीस कई गुना बढ़ा दी गई है। नए एक्ट के अनुसार अब तलवार और भाला रखने के लिए भी लाइसेंस लेना होगा। इसके अलावा संगीन, भाला और कटार रखने के लिए भी लाइसेंस लेना पड़ेगा। इन हथियारों के लाइसेंस बनाने के लिए भी 500 रुपये की फीस अदा करनी होगी। लाइसेंस को हर साल रिन्यू कराना होगा।
हथियार के साथ यात्रा करने पर देने होंगे 500 रुपये
नए एक्ट के अनुसार अगर आपको अपने लाइसेंसी हथियार के साथ यात्रा करनी हो तो उसके लिए 500 रुपये फीस देनी होगी। एक लाइसेंस पर तीन हथियार ले सकते हैं। हर एक हथियार के लिए 500 रुपये फीस देनी होगी। लाइसेंस के पते में बदलाव के लिए 500 रुपये फीस देनी होगी।
एडीएम विवेक चंदेल ने कहा कि गन, राइफल, रिवॉल्वर की लाइसेंस फीस बढ़ाई गई है। एनओसी के लिए 500 रुपये फीस तय की गई है। लाइसेंस बुक करने के लिए 100 रुपये शुल्क देना होगा। लाइसेंस को दूसरे के नाम ट्रांसफर करने के लिए एक हजार रुपये का शुल्क तय किया गया है।