नए साल से पहले डेढ़ लाख पेंशनर्स को सरकार ने दी सौगात
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राज्य सरकार ने प्रदेश के करीब डेढ़ लाख पेंशनर्स को नए साल से पहले बड़ी सौगात दे दी है। राज्य सचिवालय में हुई हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक के दौरान मुख्य सचिव वीसी फारका ने पेंशनर्स के बिलों के भुगतान के लिए तत्काल 5 करोड़ रुपये की राशि जारी करने के आदेश जारी किए।
साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पहले ही मेडिकल बिलों के भुगतान में कोताही न बरतने के लिए निर्देश दे चुके हैं। ऐसे में सभी विभागों के अफसरों को हिदायत दी गई है कि वह समय से पेंशनर्स के मेडिकल बिलों का भुगतान करना सुनिश्चित करें। इससे
पहले मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे पारिवारिक पेंशनर जिन्होंने अभी तक 65 वर्ष, 70 वर्ष और 75 वर्ष की आयु पूरी होने संबंधी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है उन्हें आयु प्रमाण प्रस्तुत करने के बाद ही देय तिथि से पेंशन जारी की जाएगी। पेंशनर्स की ओर से सरकार को पंद्रह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया था।
ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर दस लाख की
इनमें सबसे बड़ी मांग मूल पेंशन के अलावा 65, 70 व 75 साल का होने पर 5, 10 व 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन की थी। हालांकि मुख्य सचिव ने इस मांग पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से चर्चा के बाद ही फैसला लेने की बात कही। जेसीसी की बैठक में पेंशनरों तथा विभिन्न संघों के 80 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार पेंशनरों के कल्याण के लिए हमेशा ही प्रयासरत रही है तथा पेंशनरों की न्यायोचित मांगों को समय-समय पर पूरा किया गया है। फारका ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 3.50 लाख रुपये से बढ़ाकर दस लाख रुपये किया गया है।
साथ ही सरकार ने स्थायी चिकित्सा भत्ते की दर को 250 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डा श्रीकांत बाल्दी ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न पेंशनर संघों के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।