{"_id":"59857d5c4f1c1bc72c8b4695","slug":"himachal-govt-directs-staff-to-dress-formally","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी दफ्तरों में जींस-टी शर्ट ना पहनने के आदेश से मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी दफ्तरों में जींस-टी शर्ट ना पहनने के आदेश से मचा हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 05 Aug 2017 01:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल सरकार के प्रदेश के सभी सरकारी, अर्ध सरकारी कार्यालयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जींस-टी शर्ट में दफ्तर आने पर लगाई गई रोक से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कार्मिक विभाग के आदेशानुसार सभी सरकारी कर्मियों को फॉर्मल ड्रेस में ही दफ्तर आना होगा।
विज्ञापन
आदेशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस फैसले से शुक्रवार को सचिवालय में दिन भर चर्चाएं होती रही। प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट की फटकार के बाद यह फैसला लिया है। हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई में हाजिर हुई एक महिला कर्मचारी के पहनावे पर आपत्ति होने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
विज्ञापन
कार्मिक विभाग ने सभी सचिवों सहित विभागाध्यक्षों को नई व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करवाने को कहा है। उधर, सरकार के इस फरमान के बाद से सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा है कि सरकार को प्रदेश में कर्मचारी वर्ग के ड्रेस कोड लाने के पीछे की मंशा को स्पष्ट करना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हमारे समाज में पहले से ही चलन है कि अपनी मनपसंद का खाना और अच्छे लगने वाले परिधान पहनने चाहिए। समाज की मान्यता भी है और स्वीकारोक्ति भी। ऐसा लगता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार के सचिवालय में कुछ इस तरह के परिधान पहनने वाले लोगों को शायद इस बात का एहसास नहीं हो रहा होगा कि किस तरह के वस्त्र पहनने चाहिए या किस प्रकार के वस्त्र नहीं पहनने चाहिए।
पार्टी उपाध्यक्ष ने सरकार से कहा है कि जब तक सरकार कोई ड्रेस कोड जारी नहीं करती तब तक कौन से वस्त्र पहने जाएं और कौन से नहीं, उसको निर्देशित नहीं किया जा सकता। उधर, प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज परिहार ने कहा है कि ड्रेस कोड के आदेश प्रेक्टिकल नहीं है। सरकार को इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।