केसीसी बैंक की भर्ती निरस्त करने पर असमंजस में जयराम सरकार
वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव (केसीसी) बैंक में हुई दो सौ से ज्यादा पदों की भर्ती को निरस्त करने पर जयराम सरकार असमंजस में है। सरकार का एक धड़ा भर्ती का रिजल्ट जारी करने के पक्ष में है जबकि दूसरा पक्ष जयराम सरकार के ही निर्देश पर भर्ती में अनियमितता की शिकायत की चल रही विजिलेंस जांच का हवाला देकर उसे जारी न करने पर अड़ा है।
सरकार के स्टेटस पूछने पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने तो जांच के चलते भर्ती का रिजल्ट जारी न करने का जवाब भी दे दिया है। लेकिन अब जयराम सरकार को निर्णय लेना है कि वह भर्ती पर क्या निर्णय लेती है।
दरअसल, पिछली सरकार के दौरान हुई भर्ती के दौरान भारी अनियमितता की बात सामने आई थी। भाजपा ने राज्यपाल को सौंपी चार्जशीट और सरकार के गठन के बाद भी कांगड़ा बैंक की भर्तियों पर जांच की बात कही।
यही नहीं, हाल ही में सहकारिता विभाग ने चार्जशीट से जुड़े सात बिंदुओं पर अलग से जांच के लिए विजिलेंस को पत्र भेज दिया। इनमें भर्ती में अनियमितता की बात भी शामिल थी। सरकार के पत्र के बाद विजिलेंस ने जांच भी शुरू कर दी।
लेकिन इस बीच हजारों आवेदक सोशल मीडिया व विधायकों, मंत्रियों और भाजपा नेताओं के जरिये मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर रिजल्ट जारी करने का दबाव बना रहे हैं। आवेदकों के लगातार दबाव के चलते अब जयराम सरकार रिजल्ट जारी करने पर विचार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि अब सरकार 11 दिसंबर को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर फैसला ले सकती है।