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हिमाचल सरकार को झटका, 1100 करोड़ रुपये की योजनाएं अटकीं

Mon, 30 Jan 2017 04:53 PM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 30 Jan 2017 04:53 PM IST
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Himachal govt crossed NABARD limit, 1100 croe rupees mla priority schemes stucked

हिमाचल के लाखों लोगों को लाभान्वित करने वाली विधायक प्राथमिकताओं की 1100 करोड़ रुपये की योजनाएं अटक गई हैं। नाबार्ड से वित्त पोषण की सीमा क्रॉस होने के कारण इन स्कीमों को जमीन पर उतारने के लिए धन नहीं मिल पा रहा है। पेयजल, सिंचाई, सड़कों व पुलों की इन स्कीमों की डीपीआर बनाकर सरकार नाबार्ड को भेज चुकी है। 

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लेकिन बजट की लिमिट पूरी होने के कारण नाबार्ड अब इनके लिए धनराशि जारी नहीं कर रहा है। सरकार ने नाबार्ड से और लिमिट बढ़ाने का आग्रह किया है। हर साल हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेने वाली सरकार इन योजनाओं को जमीन पर लाने के लिए धन का प्रावधान नहीं कर पा रही है। 
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हिमाचल सरकार को विधायक प्राथमिकता योजनाओं के लिए नाबार्ड एक वित्तीय वर्ष में केवल 500 करोड़ रुपये के वित्त पोषण की ही मंजूरी देता है। इसकी लिमिट तय है। विधायक हर साल अपने क्षेत्रों से प्राथमिकता आधार पर पेयजल, सिंचाई और सड़कों-पुलों से जुड़ीं दर्जनों योजनाएं भेजते हैं। इन में कई स्कीमें तो सालों पुरानी हैं। 
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हाल ही में मुंबई में हुई नाबार्ड के निदेशक मंडल की बैठक में भी बहुत सी योजनाओं को प्रारंभिक मंजूरी दी जा चुकी है, मगर नाबार्ड की लिमिट के चलते ऐसी सैकड़ों योजनाओं को पैसा नहीं मिल पा रहा है। हिमाचल सरकार के योजना सलाहकार अक्षय सूद ने माना कि करीब 1100 करोड़ रुपये की विधायक प्राथमिकता स्कीमें नाबार्ड के पास अटकी हैं। सालाना लिमिट 500 करोड़ तय है। इस लिमिट में ही नाबार्ड को भेजी गई योजनाओं को मंजूरी मिलती है। लंबित स्कीमों को भी धनराशि आने वाले समय में मिल जाएगी। 

सालों से नहीं बनीं सैकड़ों स्कीमों की डीपीआर
अफसरशाही की लेटलतीफी के चलते हिमाचल में विधायक प्राथमिकता की ही सैकड़ों योजनाओं की डीपीआर पिछले कई सालों से नहीं बनी हैं। जो तेजतर्रार विधायक अफसरशाही पर दबाव बनाने में कामयाब होते हैं, वे अपनी योजनाएं नाबार्ड तक पहुंचा देेते हैं। बाकी जन प्रतिनिधियों के लिए डीपीआर बनवाना और नाबार्ड तक पहुंचाना आसान काम नहीं है। इसके लिए अरसे से अफसरशाही स्टाफ की कमी का बहाना बनाती आ रही है। 


प्राथमिकता स्कीमों पर विधायकों की बैठकें आज से 
प्राथमिकता स्कीमों पर विधायकों की बैठकें सोमवार से होंगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार और मंगलवार को विधायक प्राथमिकता बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। सोमवार को राज्य सचिवालय में सोलन, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर के विधायकों की बैठकें होंगी। मंगलवार को कांगड़ा, लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा, ऊना और हमीरपुर जिलों के एमएलए की बैठकेें होंगी। इन बैठकों में विधायक वित्तीय वर्ष 2017-18 की नई प्राथमिकताएं रखेंगे और राज्य सरकार को फिजूलखर्ची एवं बेहतर प्रशासन के भी सुझाव भी देंगे।

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