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Himachal: राज्यपाल बोले- निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे मंजूर करना विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र का मामला

Thu, 28 Mar 2024 09:57 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 28 Mar 2024 09:57 PM IST
सार

 गुरुवार को राजभवन में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में राज्यपाल बोले - तीनों निर्दलियों ने पहले इस्तीफा विधानसभा सचिव को दिया और उसके बाद अध्यक्ष को। जो इस्तीफा अध्यक्ष को दिया गया है, उसकी एक प्रति तीनों ने उन्हें भी दी है।

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himachal Governor Shiv Pratap Shukla on resignations of independent MLAs
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा है कि तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे मंजूर करने के मामले पर वह कोई निर्देश जारी नहीं कर सकते हैं, वह केवल सलाह ही दे सकते हैं। यह मामला विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र का है। तीनों निर्दलीय विधायकों को भी उन्होंने यही कहा है। गुरुवार को राजभवन में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में राज्यपाल बोले - तीनों निर्दलियों ने पहले इस्तीफा विधानसभा सचिव को दिया और उसके बाद अध्यक्ष को। जो इस्तीफा अध्यक्ष को दिया गया है, उसकी एक प्रति तीनों ने उन्हें भी दी है।

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तीनों सचिव को पत्र देने के बाद उन्हें पत्र देने आए थे। उनके पत्र को अध्यक्ष को भेजा। वे यह चाहते थे कि वह इसमें हस्तक्षेप करें, मगर इसमें राजभवन हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। शुक्ल ने कहा कि 10 अप्रैल को अध्यक्ष ने शायद उन्हें बुलाया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार अगर विधायक व्यक्तिगत तौर पर पत्र देते हैं ताे उन्हें स्वीकार करना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष को भेजे पत्र में उन्होंने मध्यप्रदेश और कर्नाटक के मामलों का भी उल्लेख किया गया है कि वहां पर सुप्रीम कोर्ट से इस तरह के निर्णय आए हैं कि इस्तीफे तुरंत स्वीकार किए जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा के मामले में भी साफ शब्दों में फैसला दिया है कि अगर विधायक खुद व्यक्तिगत रूप से विधानसभा अध्यक्ष को मिलकर इस्तीफे देते हैं तो यह स्वीकार करने चाहिए। शिवराज सिंह बनाम विधानसभा अध्यक्ष मामले में भी ऐसा ही फैसला दिया है। हालांकि, इस विषय पर वह केवल सलाह ही दे सकते हैं। उनका कोई भी सांविधानिक अधिकार नहीं है। यदि विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय से असंतोष है तो वे कोर्ट जा सकते हैं। उन्हें इस बात का संतोष है कि स्पीकर ने उन्हें जवाब भी भेजा है, जिसमें कुछ बातें की हैं। पर न्यायालय के फैसलों को देखते हुए वह मानते हैं कि यह इस्तीफे मंजूर किए जाने चाहिए।

आभारी हैं कि स्पीकर ने उनके दोनों पत्रों का जवाब दिया
राज्यपाल ने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष के आभारी हैं कि उनके दोनों पत्र का जवाब दिया। इससे पहले भी उन्होंने भाजपा विधायकों के निलंबन के दौरान जवाब दिया था। उस समय उन्हें कहा था कि अगर विधानसभा अध्यक्ष को लगता है तो उन्हें डिविजन दे देना चाहिए। मगर यह भी बात है कि उन्हें क्या लगता है।

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