शिमला पहुंचे नए राज्यपाल, ये रहा पहला बयान
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हिमाचल के नवनियुक्त राज्यपाल डा. देवव्रत आचार्य मंगलवार को शिमला पहुंच गए। राजभवन शिमला में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। शिमला पहुंचे नए राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश और यहां के लोगों की भी जमकर तारीफ की।
डा. देवव्रत आचार्य बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे राज्यपाल पद पर शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार ने उनका स्वागत किया।
इनके अलावा विधायकगण, विभिन्न बोर्डों, निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, शिमला नगर निगम के उप महापौर टिकेंद्र पंवर, मुख्य सचिव पी. मित्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वीसी फारका, पीसी धीमान, पुलिस महानिदेशक संजय कुमार सहित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने राजभवन पहुंचने पर नामित राज्यपाल का स्वागत किया।
नए राज्यपाल बोले, हिमाचल से है पुराना लगाव
नवनियुक्त राज्यपाल डा. देवव्रत आचार्य ने कहा कि उनका हिमाचल से पुराना लगाव रहा है। कुरु क्षेत्र स्थित गुरुकुल में उनके पास हिमाचल के बालक भी शिक्षा ग्रहण करते थे, वे उनके पास आते-जाते रहे हैं।
उन्होंने राजगढ़ आने की बात करते हुए कहा कि वहां उन्होंने देखा कि लोग घरों में ताले तक नहीं लगाते हैं। यहां के लोग भले हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में वह गीता के कर्मण्येवाधिकारस्ते सूत्र पर काम करते रहे। फल की इच्छा भी कभी नहीं रखी। न ही कभी ये सोचा था कि वह राज्यपाल बनेंगे। उन्होंने कहा कि यहां सहयोग मिला तो वह कुरुक्षेत्र जैसा गुरुकुल खोल सकते हैं।
वह बागवानी, शिक्षा और अन्य तमाम क्षेत्रों पर यहां विकास के नए आयाम चाहते हैं। हिमाचल सरकार की ओर से हाल ही में योग दिवस नहीं मनाने के मामले पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो योग सांप्रदायिक नहीं होता, जो इसे करेगा, वह स्वस्थ रहेगा, जो नहीं करेगा उसे लाभ नहीं होगा।