हिमाचल में नए उद्योगों को इतने फीसदी परिवहन उपदान देगी सरकार
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हिमाचल में स्थापित नए उद्योगों को परिवहन उपदान मिलेगा। प्रदेश के बी और सी श्रेणी के औद्योगिक क्षेत्रों में यह वित्तीय लाभ दिया जाएगा। सरकार कच्चे माल लाने और तैयार माल बाहर भेजने में 3 से 5 फीसदी परिवहन उपदान देगी और इस उपदान की अधिकतम सीमा दस लाख रुपये तक तय होगी।
प्रदेश में स्थापित होने वाले माइक्रो, लघु और मध्यम दर्जे के नए उद्योगों को परिवहन उपदान देने की व्यवस्था प्रदेश सरकार ने नई औद्योगिक नीति में कर दी है। प्रदेश में कच्चे माल की ढुलाई अन्य क्षेत्रों के मुकाबले काफी ज्यादा बैठती है। इस नुकसान की भरवाई के लिए सरकार नए स्थापित होने वाले उद्योगों को बी श्रेणी के औद्योगिक क्षेत्रों में परिवहन उपदान देगी।
इससे उद्योगों में कच्चा माल की उपलब्धता आसान होगी और दूसरे क्षेत्रों की तुलना में उत्पादन लागत भी कम हो सकेगी। सी-श्रेणी के औद्योगिक क्षेत्रों में नए उद्योगों को राज्य के भीतर कच्चा माल लाने और तैयार माल ले जाने के लिए सालाना टर्न ओवर का 5 प्रतिशतपरिवहन उपदान दिया जाएगा। यह पांच साल की अवधि के लिए अधिकतम 10 लाख प्रति वर्ष होगी।
जांच सुविधा खर्च में पचास फीसदी राशि मिलेगी
प्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों में गुणवत्ता जांच सुविधा परिसर में उपलब्ध कराने के लिए खर्च राशि का पचास फीसदी खर्च सरकार वहन करेगी। इसके अलावा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्डस, विश्व स्वास्थ्य संगठन के जीएमपी, आईएसओ, आर्गेनिक सर्टिफिकेशन, अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्रों के लिए प्लांट, मशीनरी, उपकरण के लिए अधिकतम 5 लाख तक की राशि दी जाएगी।
जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और सुरक्षा मापदंड खर्च की 25 फीसदी राशि
प्रदेश में स्थापित होने वाले नए उद्योगों में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और सुरक्षा मापदंडों पर कुल खर्च राशि का 25 फीसदी राशि सरकार देगी। इसके लिए प्लांट, मशीनरी और उपकरणों के खर्चे का पचीस फीसदी राशि मिल सकेगी। दो लाख रुपये तक की अधिकतम राशि दी जाएगी।
ईटीपी बिजली बिल में 3 साल तक 50 फीसदी छूट
नए उद्योगों में स्थापित होने वाली एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) में खर्च होने वाली बिजली के बिल में तीन साल की अवधि के लिए पचास फीसदी तक की छूट दी जा रही है। यह छूट की राशि अधिकतम 1 लाख रुपये प्रति वर्ष तक रहेगी।