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Himachal News: 150 पीएम श्री स्कूलों में भर्ती होंगे म्यूजिक टीचर, 2027 तक 10 हजार शिक्षकों की नियुक्ति
Sun, 05 Jul 2026 11:51 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:51 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा और खेल क्षेत्र में कई अहम घोषणाएं की हैं। 150 पीएम श्री विद्यालयों में म्यूजिक टीचरों की भर्ती की जाएगी और वर्ष 2027 तक 10 हजार शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है। चौपाल और शिलाई में नए स्पोर्ट्स हॉस्टल शुरू होंगे। साथ ही सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था की ऑनलाइन निगरानी के लिए वर्चुअल संवाद कार्यक्रम भी शुरू किया गया है।
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस वर्ष राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 100 पदक जीतने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही 150 पीएम श्री विद्यालयों में म्यूजिक टीचरों की नियुक्ति, चौपाल और शिलाई में नए स्पोर्ट्स हॉस्टल, खिलाड़ियों की आर्थिक सहायता बढ़ाने और वर्ष 2027 तक 10 हजार शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की भर्ती सहित कई अहम घोषणाएं की गई हैं।
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को पोर्टमोर स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में यह जानकारी दी। प्रदेश में 11 स्पोर्ट्स हॉस्टल संचालित हैं। चौपाल और शिलाई में नए हॉस्टल जल्द शुरू किए जाएंगे। खेल विभाग में 14 कोचों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। स्पोर्ट्स हॉस्टलों में कुराश, ठोडो और कराटे जैसे नए खेलों को शामिल किया जा रहा है।
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निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने कहा कि वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ खेलों और ओलंपिक को ध्यान में रखकर खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के 11 स्पोर्ट्स हॉस्टलों में 456 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। हॉस्टलों के लिए 15 लाख रुपये जारी किए गए हैं। खिलाड़ियों के बैंक खातों में पुरस्कार राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।
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सरकारी स्कूलों में वर्चुअल संवाद शुरू, शिक्षा मंत्री करेंगे ऑनलाइन निगरानी: प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को वर्चुअल संवाद कार्यक्रम शुरू किया। इस पहल के तहत शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, निदेशक स्कूल शिक्षा और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी किसी भी सरकारी विद्यालय से सीधे जुड़कर शिक्षण व्यवस्था, स्टाफ की उपलब्धता, विद्यार्थियों के प्रदर्शन और आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ले सकेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत शिमला के पोर्टमोर स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह के दौरान जिला चंबा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मेहला से हुई। शिक्षा मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से विद्यालय के प्रधानाचार्य से सीधा संवाद किया और शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता, रिक्त पदों, विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम और विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने वर्चुअल माध्यम से विद्यालय की कक्षाओं का भी अवलोकन कराया।
इस दौरान रोहित ठाकुर ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिक्त शिक्षकों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। रोहित ठाकुर ने कहा कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान उन्होंने वहां शिक्षा विभाग की वर्चुअल निरीक्षण व्यवस्था देखी थी। उसी मॉडल से प्रेरणा लेकर हिमाचल प्रदेश में यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से सरकार और शिक्षा विभाग सीधे विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद कर सकेंगे। विद्यालयों की वास्तविक स्थिति की जानकारी समय पर मिलेगी।
कार्यक्रम की शुरुआत शिमला के पोर्टमोर स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह के दौरान जिला चंबा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मेहला से हुई। शिक्षा मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से विद्यालय के प्रधानाचार्य से सीधा संवाद किया और शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता, रिक्त पदों, विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम और विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने वर्चुअल माध्यम से विद्यालय की कक्षाओं का भी अवलोकन कराया।
इस दौरान रोहित ठाकुर ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिक्त शिक्षकों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। रोहित ठाकुर ने कहा कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान उन्होंने वहां शिक्षा विभाग की वर्चुअल निरीक्षण व्यवस्था देखी थी। उसी मॉडल से प्रेरणा लेकर हिमाचल प्रदेश में यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से सरकार और शिक्षा विभाग सीधे विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद कर सकेंगे। विद्यालयों की वास्तविक स्थिति की जानकारी समय पर मिलेगी।