अध्यापिका की एक गलती ने सब कर दिया बर्बाद, अब होगी 46 लाख की रिकवरी
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सरकारी स्कूल में अध्यापिका को एक गलती करना जिदंगी भर के लिए भारी पड़ गया। अब उससे 45,68,376 रुपये की रिकवरी होगी। मामला हिमाचल के कुल्लू जिले का है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढालपुर (छात्र) में पीईटी के पद पर तैनात एक अध्यापिका को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
अब विभाग महिला शिक्षिका से 45,68,376 रुपये की रिकवरी भी करेगा। यह रिकवरी 9 प्रतिशत ब्याज के साथ की जाएगी। एलीमेंटरी शिक्षा विभाग कुल्लू के उपनिदेशक कुलवंत सिंह पठानिया ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
गैरकानूनी तरीके से बनाया प्रमाण पत्र
महिला शिक्षिका के खिलाफ इस मामले में तीन माह तक विभागीय जांच चली। इसमें पाया गया कि महिला ने गैरकानूनी तरीके से फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र के जरिये नौकरी हासिल की है।
28 मई, 2002 को एसडीएम कार्यालय से जारी किया गया ओबीसी का प्रमाणपत्र जांच के बाद सात जुलाई 2017 को अवैध घोषित किया गया। जांच में महिला शिक्षिका को ओबीसी के प्रमाणपत्र को बाध्य नहीं माना गया है।
इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से पीईटी पद तैनात महिला शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषनजक नहीं पाया गया और विभागीय जांच शुरू कर दी।
नौ प्रतिशत ब्याज के साथ होगी रिकवरी
सितंबर माह से चली विभागीय जांच के बाद उसे शिक्षा उपनिदेशक की ओर से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक कुलवंत सिंह पठानिया ने कहा कि सीसे स्कूल ढालपुर में तैनात पीईटी महिला शिक्षिका को ओबीसी का फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर नौकरी हथियाने के मामले में बर्खास्त किया गया है।
महिला शिक्षिका के खिलाफ विभागीय जांच में यह खुलासा हुआ। महिला शिक्षिका कारण बताओ नोटिस में भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। उन्होंने कहा कि शिक्षिका की ओर से गैर कानूनी तरीके से कमाया गए 45,68,376 रुपये की रिकवरी नौ प्रतिशत ब्याज के साथ की जाएगी।