{"_id":"5f1ec50a8ebc3e9fee66bbc3","slug":"himachal-fall-armyworm-insect-attack-on-maize-crisis-on-crop","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: मानसून में कीट का मक्की पर हमला, फसल को 30 फीसदी तक नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: मानसून में कीट का मक्की पर हमला, फसल को 30 फीसदी तक नुकसान
Tue, 28 Jul 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
मणि कुमार सरोआ, अमर उजाला, ऊना
मणि कुमार सरोआ, अमर उजाला, ऊना
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 28 Jul 2020 05:00 AM IST
विज्ञापन
फॉलआर्मी वर्म कीट ने मक्की की फसल पर हमला बोला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में सुस्त पड़े मानसून में फॉलआर्मी वर्म कीट ने मक्की की फसल पर जोरदार हमला बोला है। मंडी, शिमला, कांगड़ा और ऊना जिले में 25 से 30 फीसदी फसल को कीट चट कर चुके हैं। किसानों में हड़कंप के बीच कृषि विभाग ने एडवाइजरी के साथ अलर्ट जारी किया है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने कहा कि कम बरसात होने से कीट ज्यादा एक्टिव हैं।
विज्ञापन
अब तक ऊना में ही 25.65 करोड़ रुपये का नुकसान आंका जा चुका है। यह कीट तितली मॉथ के रूप में पौधों के निचले पत्तों पर अंडे देता है। अंडों से निकलीं सुंडियां पौधों को अपना खाना बनाती हैं। पत्तों को खाकर उनमें समांतर चलने वाले लंबे-लंबे छेद बनाती हैं और बाद में पूरा पत्ता खा जाती हैं। उल्लेखनीय है कि बारिश के कम होने से दक्षिण भारत से बीजों के माध्यम से उत्तर भारत में पहुंचा फॉॅल आर्मी वर्म कीट का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
विज्ञापन
किसान ऐसे बचाएं फसल
कृषि विभाग ने किसानों को ऐममिक्टिन वेन्जोएट 5 एसजी (0.4 मिलि प्रति लीटर पानी) या फ्लूवेण्डामाइड 480 एससी (0.4 मिलि प्रति लीटर पानी) या क्लोरेन्ट्रनिलीप्रोल 18.5 एससी (0.4 मिलि प्रति लीटर पानी) या स्पाइनोसेड (0.3 मिलि प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करने की सलाह दी है। यह छिड़काव सुबह या शाम के समय ही करें और 15 दिनों के अंतराल पर दोबारा छिड़काव करें।
विज्ञापन