बजट 2019: निर्मला के पिटारे से हिमाचल को ये उम्मीदें, केंद्रीय बजट पर टिकीं निगाहें
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हाल के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झोली में रिकॉर्ड मतों से चार की चार सीटें डालने के बाद हिमाचल की जयराम सरकार की निगाहें अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे पर टिकी हुई हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की नई सरकार का पहला आम बजट शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करने जा रही हैं।
धर्मशाला में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट से पहले हिमाचल उद्योगों के लिए केंद्र से विशेष पैकेज चाहता है, जिससे बड़े उद्योगों और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। ऐसा ही पैकेज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने भी दिया था, जिससे औद्योगिक क्रांति आई थी। आम बजट अनुमान तैयार करने से पहले ही केंद्र सरकार ने अन्य तमाम राज्यों की तरह ही इसके लिए सुझाव मांगे थे।
हिमाचल ने इन सुझावों में भी उद्योगों के लिए विशेष पैकेज या रियायतें देने का मामला उठाया था। हिमाचल पूर्व में केंद्र से मिले पैकेज की तरह ही कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी देने के अलावा कई तरह के करों में छूट चाह रहा है, जिससे प्रदेश में कच्चा माल सस्ती दरों पर पहुंचे और यहां उत्पादित सामान को बाहर भेजने में भी कम से कम लागत आए।
इससे उद्योग यहां बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। यही नहीं, यहां स्थापित उद्योगों का पलायन नहीं होगा, बल्कि वे विस्तार करना चाहेंगे। हिमाचल सरकार पर मौजूदा समय में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।
राज्य की अर्थव्यवस्था तंगहाली के दौर से गुजर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर राज्य में उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देकर सूबे की आर्थिकी को मजबूत करना चाहते हैं।
इसी मुहिम के तहत धर्मशाला में नवंबर में प्रस्तावित मेगा इन्वेस्टर मीट में दुनिया भर के निवेशकोें को हिमाचल बुलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम हाल ही में जर्मनी, नीदरलैंड और दुबई जैसे देशों में रोड शो कर आए हैं।
पांच लाख होनी चाहिए कर मुक्त आयकर सीमा
केंद्र सरकार के वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए पेश किए जाने वाले बजट से प्रदेश के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नौकरीपेशा वर्ग को उम्मीद है कि कर मुक्त आयकर सीमा पांच लाख तक होगी।
आयकर की ऊपरी सीमा पर कटौती 20 प्रतिशत से कम कर 10 प्रतिशत हो जाएगी। अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि अंतरिम बजट की तरह ही केंद्र सरकार को आम बजट पेश करना चाहिए।
इसके तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 रुपये करनी चाहिए। मकान पर लिए गए ऋण पर आयकर सीमा में तीन लाख रुपये तक की छूट होनी चाहिए। बचत सीमा को डेढ़ लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये तक करने की कर्मचारियों ने मांग की है।