{"_id":"5f32a0ce8ebc3e3ce80903f5","slug":"himachal-employee-who-keeps-donated-money-in-his-account-suspended","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: दान की राशि अपने खाते में डालने वाला कर्मचारी निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: दान की राशि अपने खाते में डालने वाला कर्मचारी निलंबित
Wed, 12 Aug 2020 10:53 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 12 Aug 2020 10:53 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर को दान की राशि अपने निजी बैंक खाते में डालने वाले कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंड कर्मचारी एसडीएम कार्यालय बड़सर का है। दान की राशि में गड़बड़ी का यह मामला इसी महीने सामने आया था। अमर उजाला ने 7 अगस्त के अंक में 'न्यास कर्मचारी ने अपने खाते में डलवा दी चढ़ावे की राशि' शीर्षक से इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मामले के अनुसार पंजाब के एक श्रद्धालु ने 25 हजार रुपये की दान राशि मंदिर ट्रस्ट को भेंट करने के लिए एसडीएम कार्यालय से संपर्क किया था। श्रद्धालु की ओर से दान करने के लिए मंदिर ट्रस्ट का अकाउंट नंबर मांगा। लेकिन, एसडीएम कार्यालय में कार्यरत आरोपी कर्मचारी ने श्रद्धालु को मंदिर ट्रस्ट का अकाउंट देने के बजाय अपना निजी अकाउंट नंबर ही दे दिया। श्रद्धालु ने बताए गए अकाउंट नंबर में 25 हजार की राशि दान के तौर पर डाल दी। श्रद्धालु ने संबंधित कर्मचारी से चढ़ावे की रसीद मांगी तो कर्मचारी आनाकानी करने लगा।
रसीद न मिलने पर श्रद्धालु ने इसकी शिकायत बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन एवं एसडीएम बड़सर प्रदीप कुमार से कर दी। मामला उजागर होते ही संबंधित कर्मचारी ने 25 हजार रुपये की रकम मंदिर ट्रस्ट के खाते में जमा करवा दी। विभागीय जांच में संबंधित कर्मचारी पर लगाए आरोप साबित होने के बाद उसे एसडीएम कार्यालय बड़सर से हटाकर बीबीएन कॉलेज चकमोह के साथ अटैच कर दिया गया।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी पूर्व में भी इस तरह के मामले में संलिप्त रहा है। एसडीएम बड़सर ने इस मामले की जांच पूरी होने के बाद फाइल बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त एवं उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा को प्रेषित की। जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए मंदिर आयुक्त ने संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। उधर, उपायुक्त हमीरपुर एवं मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि श्रद्धालु से दान में मिली धनराशि अपने निजी खाते में डालने वाले कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच में पता चला है कि यह कर्मचारी पूर्व में भी इस तरह के मामलों में संलिप्त रहा है।
विज्ञापन
मामले के अनुसार पंजाब के एक श्रद्धालु ने 25 हजार रुपये की दान राशि मंदिर ट्रस्ट को भेंट करने के लिए एसडीएम कार्यालय से संपर्क किया था। श्रद्धालु की ओर से दान करने के लिए मंदिर ट्रस्ट का अकाउंट नंबर मांगा। लेकिन, एसडीएम कार्यालय में कार्यरत आरोपी कर्मचारी ने श्रद्धालु को मंदिर ट्रस्ट का अकाउंट देने के बजाय अपना निजी अकाउंट नंबर ही दे दिया। श्रद्धालु ने बताए गए अकाउंट नंबर में 25 हजार की राशि दान के तौर पर डाल दी। श्रद्धालु ने संबंधित कर्मचारी से चढ़ावे की रसीद मांगी तो कर्मचारी आनाकानी करने लगा।
विज्ञापन
रसीद न मिलने पर श्रद्धालु ने इसकी शिकायत बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन एवं एसडीएम बड़सर प्रदीप कुमार से कर दी। मामला उजागर होते ही संबंधित कर्मचारी ने 25 हजार रुपये की रकम मंदिर ट्रस्ट के खाते में जमा करवा दी। विभागीय जांच में संबंधित कर्मचारी पर लगाए आरोप साबित होने के बाद उसे एसडीएम कार्यालय बड़सर से हटाकर बीबीएन कॉलेज चकमोह के साथ अटैच कर दिया गया।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी पूर्व में भी इस तरह के मामले में संलिप्त रहा है। एसडीएम बड़सर ने इस मामले की जांच पूरी होने के बाद फाइल बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त एवं उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा को प्रेषित की। जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए मंदिर आयुक्त ने संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। उधर, उपायुक्त हमीरपुर एवं मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि श्रद्धालु से दान में मिली धनराशि अपने निजी खाते में डालने वाले कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच में पता चला है कि यह कर्मचारी पूर्व में भी इस तरह के मामलों में संलिप्त रहा है।