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हिमाचल बिजली बोर्ड: आउटसोर्स के 81 चालकों को निकालने की तैयारी, संयुक्त मोर्चा ने किया विरोध

Mon, 21 Oct 2024 10:29 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 21 Oct 2024 10:29 AM IST
सार

बिजली बोर्ड में आउटसोर्स से लगे 81 चालकों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी है। इसका हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त मोर्चा ने विरोध किया है। 

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Himachal Electricity Board: Preparations to remove 81 outsourced drivers, United Front protests
हिमाचल बिजली बोर्ड (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में आउटसोर्स से लगे 81 चालकों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी है। इसका हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त मोर्चा ने विरोध किया है। संयोजक लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि संयुक्त मोर्चा इस विषय को सरकार के समक्ष उठाएगी।   उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस बारे बोर्ड की ओर से जारी किए गए निर्देश को तुरंत वापस लिया जाए। नेताओं ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जिन आउटसोर्स कर्मियों ने 10-12 वर्ष बिजली बोर्ड में अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना देखकर कम वेतन पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और आज उनकी सेवाएं समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा है। 

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उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद है कि प्रदेश सरकार यदि आउटसोर्स कर्मियों के हित मे कोई नीति नहीं बना सकती है तो कम से कम उनको नौकरी से तो नहीं निकाला जाना चाहिए। यह लोकतांत्रिक सरकार की सामाजिक उत्थान की जिम्मेवारियों के अनुरूप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस महंगाई के दौर मे यह कर्मी जहां मुश्किल से अपना गुजारा कर रहे हैं, वहीं अपनी अगली पीढ़ी को बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। मोर्चा ने बिजली बोर्ड मैनेजमेंट से आग्रह किया कि छंटनी के इन आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए और आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी नीति बनाई जाए। फ्रंट ने मांग की है कि बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 51 पदों को तुरंत बहाल किया जाए।

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आउटसोर्स पर रखे गए यह चालक बिजली बोर्ड के नहीं, बल्कि कंपनी के थे। बोर्ड इनकी सेवाएं ले रहा था। अब बिजली बोर्ड में स्क्रैप पॉलिसी में वाहनों को हटा दिया गया है तो अब इनसे काम नहीं लिया जा रहा था। इन्हें कंपनी ने ही वापस बुलाया है। -संदीप कुमार, प्रबंध निदेशक, राज्य बिजली बोर्ड, शिमला

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