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Himachal Politics: सियासी हसरतों ने भुला दिए रिश्ते, ससुर को मात देने चुनावी रण में दामाद

Thu, 20 Oct 2022 11:28 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, शिमला
सुरेश शांडिल्य, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 20 Oct 2022 11:28 AM IST
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सार
इन दिनों हिमाचल प्रदेश विधानसभा की चुनावी रणभूमि में भी सियासी हसरतों ने रिश्ते तक भुलाकर अपनों के बीच जंग छेड़ दी है। यहां भाई को टिकट मिलने पर बहन खुश नहीं हैं।
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himachal election 2022, Political interests have forgotten even blood relations, son-in-law in election battl
हिमाचल प्रदेश सत्ता संग्राम 2022। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सत्ता हासिल करने की चाह अपनों के खिलाफ ही बगावत करवा देती है। इन दिनों हिमाचल प्रदेश विधानसभा की चुनावी रणभूमि में भी सियासी हसरतों ने रिश्ते भुलाकर अपनों के बीच जंग छेड़ दी है। यहां भाई को टिकट मिलने पर बहन खुश नहीं हैं। ससुर को मात देने के लिए दामाद एक बार फिर चुनावी रणभेरी बजा चुके हैं। भाजपा हाईकमान ने बुधवार को जयराम सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह का धर्मपुर से टिकट काटकर उनके बेटे रजत ठाकुर को दिया, तो इस पर अजब-गजब स्थिति बन गई। मंत्री पिता महेंद्र सिंह ठाकुर के हलके धर्मपुर से खुद के बजाय भाई रजत ठाकुर को टिकट मिलने से नाराज बहन वंदना गुलेरिया ने भाजपा महिला मोर्चा के महामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।



महेंद्र खुद चुनाव लड़ने के लिए 21 अक्तूबर को नामांकन भरने की तैयारी कर चुके थे। पिता की राजनीतिक विरासत को बेटी वंदना संभालना चाह रही थीं, लेकिन भाई को टिकट मिला तो वंदना ने तो सोशल मीडिया पर यह तक लिख डाला कि दिल्ली से टिकट तो आ सकते हैं, वोट नहीं। हर बार परिवारवाद में बेटियों की बलि क्यों दी जाती है। उधर, सोलन में कांग्रेस विधायक कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के खिलाफ उनके दामाद डॉ. राजेश कश्यप बतौर भाजपा प्रत्याशी चुनाव रण में उतर चुके हैं। वर्ष 2017 में भी इन दोनों में मुकाबला हुआ था। इसमें ससुर धनीराम शांडिल जीते थे। 



बेटे को मनाने गए महेश्वर और उनकी पत्नी
मंडी लोकसभा सीट से भाजपा से सांसद रह चुके पूर्व विधायक महेश्वर सिंह के बेटे हितेश्वर सिंह बंजार से भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। हितेश्वर के समर्थक बुधवार को सैंज में निर्दलीय चुनाव लड़ने की रणनीति बनाते रहे तो इस पर खुद महेश्वर सिंह और उनकी पत्नी विभा सिंह बेटे से मान-मनौव्वल करने वहां पहुंच गए। महेश्वर सिंह खुद कुल्लू से भाजपा से टिकट के तलबगार हैं।

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