हिमाचल शिक्षा विभाग: पदोन्नत होकर डीपीई बने 231 पीईटी
सभी पदोन्नत डीपीई को 21 सितंबर तक नए स्कूलों में पद ग्रहण करने को कहा गया है। निर्धारित तारीख तक पद नहीं संभालने वाले शिक्षकों की पदोन्नति रद्द कर दी जाएगी। इन्हें एक वर्ष बाद या जब भी विभागीय पदोन्नति होगी, तब पदोन्नत किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में कार्यरत 231 पीईटी को पदोन्नत कर डीपीई बना दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने मंगलवार को पदोन्नति आदेश जारी करने के साथ इनके तबादले भी कर दिए हैं। सभी पदोन्नत शिक्षकों को 21 सितंबर तक नए स्कूलों में पद ग्रहण करने को कहा गया है। निर्धारित तारीख तक पद नहीं संभालने वाले शिक्षकों की पदोन्नति रद्द कर दी जाएगी। इन्हें एक वर्ष बाद या जब भी विभागीय पदोन्नति होगी, तब पदोन्नत किया जाएगा। उधर, शिक्षक महासंघ ने पदोन्नति आदेश जारी करने पर सरकार और शिक्षा विभाग का आभार जताया है। महासंघ के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. मामराज पुंडीर ने कहा कि काफी लंबे समय के बाद एकमुश्त 231 शारीरिक अध्यापकों को पदोन्नति प्रदान करके डीपीई बनाया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक महासंघ की ओर से लगातार शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति का मामला उठाया जा रहा था।
अब सरकार ने पदोन्नति प्रदान करके अंतिम रूप दे दिया गया है। महासंघ की राज्य कार्यकारिणी में अखिल भारतीय संयुक्त सचिव पवन मिश्रा, प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार ,राज्य महामंत्री विनोद सूद, प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल, भीष्म शर्मा, तीर्थ आनंद शर्मा ,सुधीर गौतम, सोलन के प्रधान नरेंद्र कपिला, बिलासपुर से ललित मोहन, कुल्लू से चतर सिंह, किन्नौर से बलवीर नेगी, जिला मंडी से भगत चंदेल, कांगड़ा से जोगिंदर शर्मा, हमीरपुर से नरेश शर्मा, सिरमौर से विजय कवर, ऊना से सुशील मल्होत्रा, शिमला से अशोक कुमार, यशपाल, प्रकाश कौशल, सुमित भारद्वाज,श्याम सिंह, रविंद्र कुमार, किशन ठाकुर, सुरजीत शर्मा समेत सभी पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से सरकार का आभार व्यक्त किया है।
संस्कृत कॉलेजों में 10 तक बढ़ी दाखिले की तिथि
प्रदेश के सरकारी और निजी संस्कृत कॉलेजों में प्राकशास्त्री एक और दो में विद्यार्थियों को दाखिले 10 सितंबर तक दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि पारंपरिक संस्कृत के संरक्षण और छात्रहित में दाखिलों की तारीख को बढ़ाया गया है। इस संबंध में मंगलवार को सभी संबंधित कॉलेजों के प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर दिए गए हैं।