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ई-टैक्सी योजना: 50% सब्सिडी और 5 साल रोजगार की गारंटी, नए नियम लागू; हिमाचली बोनाफाइड को ही लाभ
Wed, 22 Apr 2026 10:18 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 22 Apr 2026 10:18 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी। लाभार्थियों को न्यूनतम पांच वर्षों तक अनुबंधित रोजगार की गारंटी भी मिलेगी, जिसे आपसी सहमति से दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। योजना का लाभ केवल हिमाचल के बोनाफाइड युवाओं को ही मिलेगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार पात्र युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी।
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लाभार्थियों को न्यूनतम पांच वर्षों तक अनुबंधित रोजगार की गारंटी भी मिलेगी, जिसे आपसी सहमति से दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। बेस मॉडल (करीब 10 लाख) के लिए लाभार्थी को हर महीने 55 हजार रुपये प्लस जीएसटी का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। सरकार ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी की है। योजना का लाभ केवल हिमाचल के बोनाफाइड युवाओं को ही मिलेगा। इसके लिए आयु सीमा 23 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है।
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आवेदक का बेरोजगार होना और उसके पास वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। परिवार की वार्षिक आय तीन लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता आधार पर दसवीं पास के लिए सात वर्ष और गैर-दसवीं पास के लिए दस वर्ष का ड्राइविंग अनुभव जरूरी होगा। एक परिवार से केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ ले सकेगा।
मंत्रियों को दिया जाएगा 30 लाख से अधिक का ई वाहन
सरकार ने अधिकारियों की श्रेणियों के अनुसार वाहनों का वर्गीकरण भी किया है। श्रेणी ए (10 से 15 लाख रुपये) में प्रथम श्रेणी अधिकारी, श्रेणी बी (15 से 20 लाख रुपये) में विभागाध्यक्ष, श्रेणी सी (20 से 30 लाख रुपये) में वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारी और श्रेणी डी (30 लाख रुपये से अधिक) में कैबिनेट मंत्री शामिल किए गए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को श्रम एवं रोजगार विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। चयन के बाद लाभार्थी, संबंधित विभाग और बैंक के बीच समझौता किया जाएगा। योजना के तहत ई-टैक्सी को स्वयं लाभार्थी द्वारा चलाना अनिवार्य होगा। विशेष परिस्थितियों में ही कानूनी उत्तराधिकारी को इसकी अनुमति दी जाएगी।
सरकार ने अधिकारियों की श्रेणियों के अनुसार वाहनों का वर्गीकरण भी किया है। श्रेणी ए (10 से 15 लाख रुपये) में प्रथम श्रेणी अधिकारी, श्रेणी बी (15 से 20 लाख रुपये) में विभागाध्यक्ष, श्रेणी सी (20 से 30 लाख रुपये) में वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारी और श्रेणी डी (30 लाख रुपये से अधिक) में कैबिनेट मंत्री शामिल किए गए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को श्रम एवं रोजगार विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। चयन के बाद लाभार्थी, संबंधित विभाग और बैंक के बीच समझौता किया जाएगा। योजना के तहत ई-टैक्सी को स्वयं लाभार्थी द्वारा चलाना अनिवार्य होगा। विशेष परिस्थितियों में ही कानूनी उत्तराधिकारी को इसकी अनुमति दी जाएगी।
चार्जिंग का खर्च लाभार्थी को स्वयं करना होगा वहन
चार्जिंग का खर्च लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा, जबकि चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था संबंधित विभाग सुनिश्चित करेंगे। नियमों के उल्लंघन या अनुशासनहीनता की स्थिति में सब्सिडी राशि की वसूली, अनुबंध रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है। स्पष्ट है कि सरकार योजना को सख्ती, पारदर्शिता के साथ लागू कर युवाओं को स्थायी स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना चाहती है।
चार्जिंग का खर्च लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा, जबकि चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था संबंधित विभाग सुनिश्चित करेंगे। नियमों के उल्लंघन या अनुशासनहीनता की स्थिति में सब्सिडी राशि की वसूली, अनुबंध रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है। स्पष्ट है कि सरकार योजना को सख्ती, पारदर्शिता के साथ लागू कर युवाओं को स्थायी स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना चाहती है।