Himachal News: हिमाचल के 3.62 लाख कर्मियों-पेंशनरों को 3% डीए का तोहफा, दिवाली से पहले एरियर; CM ने किया एलान
Himachal Pradesh DA Hike: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के राज्य महासम्मेलन में कर्मचारियों को तीन फीसदी महंगाई भत्ता देने का एलान किया।
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हिमाचल सरकार ने प्रदेश के 3.62 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों को दिवाली से पहले तीन फीसदी महंगाई भत्ते (डीए) का तोहफा दे दिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के राज्य सम्मेलन में इसका एलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्तूबर के वेतन व पेंशन में बढ़ा हुआ डीए जुड़कर आएगा। अप्रैल से सितंबर 2025 तक का एरियर दिवाली से पहले दे दिया जाएगा। जुलाई 2023 से मार्च 2025 की बकाया राशि पर अलग आदेश जारी किए जाएंगे। बुधवार शाम को ही वित्त विभाग ने तीन फीसदी डीए देने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट भाषण में महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी, लेकिन वित्तीय स्थिति ठीक न होने के कारण जून 2025 में इसका भुगतान नहीं हो सका। अब दिवाली पर तीन फीसदी महंगाई भत्ता दिया जाएगा। प्रदेश में 1.91 लाख अधिकारी-कर्मचारी और 1.71 लाख पेंशनर हैं। कर्मचारियों को न्यूनतम 800 रुपये से लेकर मुख्य सचिव रैंक तक के अधिकारियों को 8 हजार रुपये तक का मासिक लाभ होगा। प्रदेश में जुलाई 2023 व जनवरी 2024 से 4-4 प्रतिशत डीए लंबित है। इसके अलावा जुलाई 2024 से तीन, जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत और जुलाई से 3 प्रतिशत डीए भी अभी देय है।
उधर, प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठन लंबे समय से देय डीए जारी करने की मांग उठा रहे हैं। केंद्रीय कर्मचारियों को 58 फीसदी महंगाई भत्ता मिल चुका है। हिमाचल में अभी तक 42 फीसदी डीए ही दिया गया है। बुधवार को हुई तीन फीसदी की घोषणा लागू होने के बाद प्रदेश में महंगाई भत्ता 45 फीसदी हो जाएगा। केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में अब भी 13 फीसदी डीए प्रदेश के कर्मचारियों का लंबित है।
ओपीएस बहाली पर जल्द होगा फैसला, मुआवजा नीति आएगी
सम्मेलन में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने पर जल्द फैसला लिया जाएगा। इसको लेकर अधिकारियों और यूनियन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की ओपीएस बहाल की तो हिमाचल के भाजपा नेताओं के दबाव में केंद्र सरकार ने राज्य को अतिरिक्त कर्ज देना बंद कर दिया। ओपीएस वापस लेने के लिए बार-बार केंद्र से पत्र भेजे जा रहे हैं। सीएम ने कहा कि प्रदेश के लिए आने वाले तीन-चार महीने आर्थिक तंगी के हैं, लेकिन जल्द स्थिति ठीक हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों के घायल होने की स्थिति में सरकार मुआवजा देगी। उन्होंने बोर्ड को अपने आउटसोर्स कर्मचारियों के किसी हादसे में घायल होने पर मुआवजा नीति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड की रुकी हुई पदोन्नतियां भी तुरंत प्रभाव से की जाएंगी।
त्रिलोक ठाकुर ने किया मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया सराहनीय है। कर्मचारियों के हित में तीन महंगाई भत्ता अक्तूबर वेतन में शामिल करना और बकाया एरियर दिवाली से पहले जारी करना उनके कर्मचारी केंद्रित दृष्टिकोण का उदाहरण है। त्रिलोक ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री हर कर्मचारी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। महासंघ ने अधिसूचना जल्द जारी करने का भी अनुरोध किया, ताकि कर्मचारियों को समय पर राहत और उनका हक मिल सके।
इस अवसर पर महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें महामंत्री राजीव चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र मेहता, महासचिव मनीष गुलरिया, कुल्लू अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष संजय भारद्वाज, मंडी गैर-शिक्षक कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राजेश राव, महासचिव महेश कुमार और लोक निर्माण विभाग से हितेंद्र ठाकुर, मुकेश कुमार (शिमला), राज कुमार चौधरी और डॉ. सतीश ठाकुर शामिल थे। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ ने मुख्यमंत्री के कर्मचारी हितैषी दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक कदम बताया।