हिमाचल में कांग्रेस को बड़ा झटका, इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे सीएम वीरभद्र
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आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में बड़ा कोहराम मचने वाला है। वीरभद्र ने शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की मंशा विधायकों से जताई है।
सूत्रों की माने तो बैठक में अवगत करवाया कि चुनाव नहीं लड़ने के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी मुख्यमंत्री ने पत्र लिखा है।
हाईकमान के चुनाव की कमान वीरभद्र सिंह को नहीं सौंपे जाने से इसे प्रेशर टैक्टिस के तौर पर माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ चुनावों में उतरने को वीरभद्र सिंह कतई तैयार नहीं है।
विधायक हुए हतप्रभ
विधानसभा सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में वीरभद्र सिंह ने सदस्यों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार वीरभद्र ने मंत्रियों विधायकों को अवगत करवाया कि मौजूदा परिस्थितियों में वे चुनाव नहीं लड़ सकते।
सोनिया गांधी को अपने चुनाव नहीं लड़ने की मंशा से अवगत करवाने के वाले पत्र की जानकारी भी दी। प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई है। चुनाव नहीं लड़ने लेकिन कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने की बात भी उन्होंने कही है। सूत्रों के मुताबिक सत्र समाप्त होने के बाद उन्होंने दोबारा विधायकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कई मंत्री नहीं पहुंच पाए। इस बैठक में भी इसी मुद्दे पर चर्चा हुई है।
टिकट आवंटन की है जंग
हाईकमान के हिमाचल कांग्रेस का सुशील कुमार शिंदे को प्रभारी बनाए जाने के बाद वीरभद्र खेमे को झटका लगा है। खेमा टिकट आवंटन में वीरभद्र सिंह को कमान दिए जाने की पैरवी शिंदे से करता रहा है।
लेकिन उन्होंने मामला हाईकमान पर डालकर टाल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की बात भी शिंदे टाल चुके हैं। हाईकमान के इस संकेत ने वीरभद्र की नाराजगी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री चाहते है कि चुनाव में प्रत्याशी का चयन उनके हिसाब से किया जाए।