कांग्रेस में दस-दस साल से पदों पर डटे पदाधिकारी हटेंगे: राठौर
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कांग्रेस में दस-दस सालों से पार्टी में डटे पदाधिकारी हटाए जाएंगे। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी में ब्लॉक और जिला स्तरीय कार्यकारिणी में पिछले दस-दस सालों से पदाधिकारी डटे हुए हैं। पार्टी की ब्लॉक, जिला और प्रदेश कार्यकारिणी में बदलाव के लिए 30 जुलाई से प्रक्रिया शुरू होगी।
शिमला में पार्टी के पर्यवेक्षकों के साथ 30 जुलाई को बैठक होगी। बैठक के बाद बदलाव के लिए पर्यवेक्षक फील्ड में उतारे जाएंगे। राठौर ने कहा कि लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद संगठनात्मक मजबूती के लिए पार्टी कार्य कर रही है।
इसके लिए पार्टी के पूर्व नेताओं पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी सहित अन्य नेताओं की जयंती पर राज्य और जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस कड़ी में जहां पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस परमार की जयंती पर पार्टी ने राज्य स्तरीय समारोह सिरमौर में आयोजित किया। वहीं राजीव गांधी जयंती पर धर्मशाला में 20 अगस्त को राज्य स्तरीय समारोह किया जाएगा।
प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि धारा 118 के सरलीकरण के नाम पर भूमाफिया को संरक्षण दिया जा रहा है। निवेश के नाम पर हिमाचल में मल्टी रिसॉर्ट बनाने के लिए कंपनियों को निमंत्रण दे रही है। वहीं कांग्रेस ने जब स्की-विलेज का प्रोजेक्ट शुरू किया था, तो भाजपा ने सड़कों पर उतरकर उसका विरोध किया था।
इस मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, पार्टी राज्य उपाध्यक्ष एवं विधायक पवन काजल, विधायक आशीष बुटेल, पूर्व विधायक जगजीवन पाल, पूर्व विधायक यादवेंद्र गोमा सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
ब्लॉक कांग्रेस धर्मशाला की बैठक के बहाने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर विधानसभा के उपचुनाव का शंखनाद कर गए हैं। हालांकि, प्रदेशाध्यक्ष ने पार्टी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की, लेकिन इशारों-इशारों में वह धर्मशाला में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा और पच्छाद से गंगू राम मुसाफिर को पार्टी का स्थापित नेता करार दे गए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हाईकमान जिसे भी उम्मीदवार बनाएगा, वह मंजूूूर होगा। प्रदेशाध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी उपचुनावों को लेकर तैयारी रखने के निर्देश दिए।
धर्मशाला में सुधीर के पक्ष में हवा चलाने के लिए पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने पूर्व मंत्री की तारीफों के पुल बांधे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि धर्मशाला को सुधीर की जरूरत है। उपचुनावों में पार्टी नेताओं को एकजुट करने के लिए प्रदेशाध्यक्ष, वह स्वयं, सुधीर शर्मा और पार्टी प्रभारी काम करेंगे। जरूरत पड़ेगी तो पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी यहां पर रूठों को मनाने आएंगे।
उन्होंने सुधीर शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि उनके पास विधानसभा पहुंचने का एक और मौका है। इसके लिए वह डटकर काम करें। इतना ही नहीं सुधीर शर्मा ने भी स्वयं को पार्टी उम्मीदवार के तौर पर सामने रखते हुए कहा कि साल 1998 में उपचुनाव से ही उन्होंने अपनी चुनावी राजनीति की शुरूआत की थी। अब एक बार फिर से हालात बदले हैं।