राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए हिमाचल कांग्रेस ने लिया ये फैसला
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विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस कमेटी की पहली बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने की। हिमाचल कांग्रेस कमेटी की बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सर्व सहमति से पारित किया गया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रस्ताव रखा, जिसका सभी ने अनुमोदन किया। राहुल गांधी पहली दिसंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने जा रहे हैं। हिमाचल के सभी कांग्रेसी उनके अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के समर्थन में हैं।
सुक्खू ने कहा कि राहुल की ताजपोशी से कांग्रेस में युवा जोश और नई सोच का पदार्पण होगा। पार्टी आने वाले समय में उनके नेतृत्व में आगे बढ़ेगी और जुमलेबाजों की सरकार को सत्ता से बेदखल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी 19 साल से पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने तीन राज्यों में कांग्रेस सरकार होने के समय सत्ता संभाली थी। सोनिया हमारी मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत हैं और आगे भी रहेंगी।
उनकी कमान में ही दस साल तक केंद्र में यूपीए की सरकार रही। बैठक में सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल, आबकारी व कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी, पार्टी उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष चंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
जीत को लेकर पार्टी आश्वस्त
बैठक के दौरान पार्टी नेताओं, प्रत्याशियों, पदाधिकारियों, जिला व ब्लॉक अध्यक्षों ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपने-अपने हलकों का फ ीडबैक दिया। सभी ने तीन बिंदुओं पर मुख्य रूप से फोकस किया।
पहला सरकार ने 5 साल में सराहनीय कार्य किया, दूसरा सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में संगठन को मजबूती मिली, तीसरा कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र शानदार रहा।
पुख्ता साक्ष्य होने पर ही शिकायत करे बीसीसी
सुक्खू ने विधानसभा चुनाव में भितरघात की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लिया। साथ ही पार्टी प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को चेतावनी दी कि भितरघात के पुख्ता साक्ष्य होने पर ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पास शिकायत होगी।
6 साल से पहले बागियों की संगठन में न हो वापसी
विधानसभा चुनाव में बागियों ने पार्टी को जो नुकसान पहुंचाया, उसकी भरपाई होना संभव नहीं है। ऐसे में अब पार्टी स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि चुनावी मैदान में उतरे बागियों और पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे कांग्रेसजनों की संगठन में छह साल से पहले वापसी न हो।
हिमाचल कांग्रेस की मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान पार्टी के अधिकतर प्रत्याशियों से यह मांग की। बैठक में प्रत्याशियों के साथ-साथ कुछ जिलाध्यक्षों ने भी भितरघात करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोला।
कहा कि 5 वर्षों तक सत्ता का सुख भोगने के बाद कुछ नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम किया जबकि कुछ टिकट न मिलने पर बागी हो गए और आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे।
बैठक में नहीं आए वीरभद्र
प्रदेश कांग्रेस की बैठक से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह नदारद रहे। मंत्री धनी राम शांडिल और प्रकाश चौधरी को छोड़कर अन्य कोई भी मंत्री बैठक में नहीं पहुंचा। 68 कांग्रेस प्रत्याशियों में से 40 के करीब प्रत्याशी ही बैठक में पहुंचे। पार्टी की तरफ से सभी 68 प्रत्याशियों को बैठक में उपस्थित रहने को कहा गया था।