हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- सराज में बैली और सस्पेंशन पुलों का निर्माण कर संपर्क करें बहाल
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार देर शाम मंडी जिला के थुनाग विश्राम गृह में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ बैठक कर आपदाग्रस्त सराज क्षेत्र में हुए नुकसान और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोक निर्माण विभाग को आवश्यकतानुसार क्षेत्र में बैली और सस्पेंशन पुलों का निर्माण कर संपर्क बहाल करने के लिए कहा है। इसके लिए राज्य सरकार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने बताया कि भारी तबाही के बावजूद 60 प्रतिशत पेयजल योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है। वह बुधवार देर शाम थुनाग विश्राम गृह में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के अलावा अधिकारियों के साथ बैठक कर सराज क्षेत्र में हुए नुकसान और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
Himachal Pradesh | The Indian Army extends critical support to civil administration in Himachal Pradesh as part of ongoing Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR) operations, following the recent floods in Mandi district.
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In close coordination with the State Disaster… pic.twitter.com/SUIVj5MXDI — ANI (@ANI) July 10, 2025
मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को शीघ्र राहत पहुंचाने के लिए सड़कों और बाधित जल एवं विद्युत आपूर्ति योजनाओं की बहाली के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, बिजली और जल परियोजनाओं के लिए अविलंब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत 56 किलोमीटर लंबी चैलचौक-जंजैहली सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य प्रस्तावित किए जाएंगे। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ समन्वय स्थापित कर अंतर-विभागीय सहयोग के माध्यम से प्रमुख योजनाओं की बहाली के लिए राहत कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। सुखविंद्र सिंह सुक्खू और जयराम ठाकुर ने इस आपदा में अपनी जमीन गंवाने वाले परिवारों के पुनर्वास को लेकर चर्चा की। जयराम ठाकुर ने कहा कि बादल फटने की घटनाओं से क्षेत्र में भारी तबाही हुई है और मानसून के बाद जल्द ही सर्दियां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में जिन लोगों ने सब कुछ खो दिया है, उनके पुनर्वास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, कांग्रेस नेता चेत राम, जगदीश रेड्डी, विजय पाल सिंह, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया आदि मौजूद रहे।
सुरक्षित स्थानों की पहचान करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के अस्थायी पुनर्वास के लिए तुरंत सुरक्षित स्थानों की पहचान की जाए, जहां प्री-फैब्रिकेटिड घर बनाकर उन्हें तत्काल आश्रय दिया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को बागवानी से जुड़े किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने के भी निर्देश दिए।