हिमाचल में राम राज, पिता की बरसी आज, दो दिन बाद सीएम की शपथ लेगा बेटा
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पिता की पहली बरसी से दो दिन बाद बेटा सूबे की कमान संभालेगा। जयराम ठाकुर 27 दिसंबर को शपथ लेंगे। उससे ठीक दो दिन पहले सोमवार को स्व. जेठूराम की पहली बरसी है। 25 दिसंबर, 2016 को जयराम के पिता जेठूराम का निधन हो गया था।
जयराम की छोटी बहन अनु ठाकुर कहती हैं आज पिता जिंदा होते तो भाई की सफलता को देखकर फूले नहीं समाते। उन्होंने कहा कि शुरूआती दिनों में पिता राजनीति को लेकर चिंतित रहते थे, लेकिन भाई की मेहनत ने उन्हें निराश नहीं किया।
जब वे विधायक बने तो पिता ने फख्र से उन्हें गले लगाया था। आज जब वह बुलंदियों पर हैं, पिता इस दुनिया में होते तो उनकी खुशी का ठिकाना न होता।
जिसने हमारे घर बनाए, उनका बेटा करेगा प्रदेश का नवनिर्माण
बगलियारा निवासी किरत सिंह ठाकुर ने कहा कि जेठूराम ने केउली बगलियारा के गांव में आधे से ज्यादा घर बनाए हैं। 90 के दशक में हमारा घर बनाते समय वे रोज सुबह तांदी गांव से बगलियारा गांव पैदल पहुंचते थे। दिनभर कार्य करते थे।
शाम को पैदल ही घर पहुंचते थे। उन्होंने कहा कि केउली गांव में उन्होंने बीरबल ठारू, गुसाई राम, हीरा सिंह, लच्छमण, लाल सिंह, जीवन सिंह, मंगलू राम, जालपू राम, देवीरूप, लज्जे राम, कुंदन लाल, वेद प्रकाश के घर बनाए थे।
जेठूलाल ने देव नारायण केउली मंदिर का 1980 में बनाया था। खुशी से उत्साहित लोगों ने कहा हमें गर्व है उस व्यक्ति ने हमारे घर बनाए हैं, उनका बेटा आज हिमाचल का नवनिर्माण करेगा।
मां बोली- पूरे प्रदेश का विधायक बन गया मेरा बेटा
बेटे जयराम ठाकुर के सीएम बनने के बाद मां बिक्रमु देवी ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरा बेटा अब सराज के साथ ही पूरे प्रदेश का विधायक बन गया है। जयराम के पिता इस दुनिया में होते तो बेटे की कामयाबी को देखकर फूले नहीं समाते।
पिता के साथ भी बंटाते रहे हैं हाथ
दुर्गम क्षेत्र सिराज के तांदी गांव के मेहनतकश लोगों के बीच पले बड़े सीएम जयराम ने अपने पिता के साथ काम में भी हाथ बंटाया है। स्कूल के लिए मीलों का सफर पैदल तय करने वाले सीएम ने बचपन में पढ़ाई के लिए काफी मशक्कत की है।
इसी बीच तब भी जयराम को मौका मिलता था, वह घर के कामों जैसे खेतीबाड़ी आदि में हाथ जरूर बंटाते थे। उनके पिता काष्ठकुणी कला के माहिर रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि उनके मुकाबले का अब तक कोई काष्टकला का कारिगर नहीं हुआ है।