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सरवीण, मारकंडा के पर कतरे, सुरेश भारद्वाज से भी वापस लिया शिक्षा विभाग
Sat, 01 Aug 2020 10:47 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 01 Aug 2020 10:47 AM IST
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सरवीण चौधरी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंत्रियों के पोर्टफोलियो में फेरबदल करते हुए मंत्री सरवीण चौधरी और रामलाल मारकंडा के पर कतरे हैं तो सुरेश भारद्वाज से शिक्षा विभाग वापस लेकर उन्हें झटका दिया है। हालांकि, सुरेश भारद्वाज को शहरी विकास देकर उनकी वरिष्ठता देखकर संतुलन बनाने का भी प्रयास किया है। कैबिनेट के सबसे वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के अलावा उन्होंने गोविंद ठाकुर, राजीव सैजल और वीरेंद्र कंवर पर भी भरोसा जताया है।
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अपने कैबिनेट में इस फेरबदल से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने फेरबदल कर ढाई साल के बाद के मिशन रिपीट को लक्षित किया है। सरवीण चौधरी से शहरी विकास विभाग वापस लिया गया। उन्हें राजीव सैजल से लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग दिया गया है। धूमल सरकार में भी इनके पास सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग था, जब वह पहली बार मंत्री बनी थीं। मारकंडा से लेकर वीरेंद्र कंवर को कृषि विभाग दिया गया है।
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इनके पास पंचायतीराज विभाग भी रहेगा। कैबिनेट में महेंद्र सिंह के बाद दूसरे वरिष्ठ मंत्री सुरेश भारद्वाज से महत्वपूर्ण शिक्षा विभाग को वापस लेकर इसे गोविंद ठाकुर को दिया गया है। इन्हें शहरी विकास विभाग दिया गया है। इनके पास संसदीय कार्य और विधि विभाग पहले की तरह रहेंगे। रामलाल मारकंडा से कृषि विभाग वापस लेकर इन्हें तकनीकी शिक्षा विभाग दिया गया है। इन्हें जनजातीय विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और जन शिकायत निवारण विभाग दिए गए हैं।
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बिक्रम सिंह को उद्योग के साथ परिवहन भी दिया गया है। बिक्रम सिंह चुस्त मंत्रियों की श्रेणी में हैं। नए मंत्रियों में मुख्यमंत्री ने सुखराम चौधरी को ऊर्जा विभाग देकर उन पर भरोसा जताया है। अनिल शर्मा के मंत्री पद छोड़ने के बाद यह विभाग सीएम के पास था। राकेश पठानिया को भी महत्वपूर्ण वन और राजेंद्र गर्ग को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग देकर बड़ा काम किया गया है।