स्टोक्स, सुधीर बोले- भाजपा नेताओं को नैतिकता सिखाएं नड्डा
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सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की जांच झेल रहे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में सीएम पद की दावेदार रही आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स खड़ी हो गई हैं। आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने मंगलवार को ज्वालामुखी में सीएम की जनसभा में शिरकत की। जनसभा में संबोधन के दौरान आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ राजनीति के पिछले कई दशकों को याद किया।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने संपूर्ण जीवन को प्रदेश की जनता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जब भाजपा नेताओं के खिलाफ जांच आरंभ की तो धूमल परिवार ने घबराहट में केंद्रीय नेताओं के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के खिलाफ षड्यंत्र रच डाला और अब ये लोग सरकार को बाहर करने की बातें कर रहे हैं। प्रदेश में आज राजनीति पूरी तहर से प्रतिशोध से भरी हुई है।
ऐसी राजनीति प्रदेश हित में नहीं है स्टोक्स ने कहा कि एनडीए सरकार ने दालों और सब्जियों के दाम में व्यापक वृद्धि की है जो देश के इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि भाजपा के अच्छे दिन ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार में खुशहाल है।
कई राज्यों में तो दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल होता है। हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य ने मुख्यमंत्री की अगुवाई में पिछले कई दशकों में विकास के नए आयाम छुए हैं। उन्होंने विधायक संजय रतन की युवा शक्ति को नई पीढी के लिए प्रेरणा बताया।
कहा- प्रदेश सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं नड्डा
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी और आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की ओर से मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगने संबंधित दिए गए बयान को भाजपा की दबाव की राजनीति करार दिया है। उन्होंने कहा कि नड्डा लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई प्रदेश सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं और प्रदेश के लोगों की ओर से दिए गए जनादेश का अनादर कर रहे हैं, जो उनकी लोकतंत्र के प्रति निराशा और उपेक्षा को दर्शाता है।
मंत्रियों ने कहा कि केंद्र में कुछ मंत्री प्रदेश के भाजपा नेताओं के इशारे पर वीरभद्र सिंह के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर उन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि तीन अलग-अलग केंद्रीय एजेंसियां वीरभद्र सिंह के आयकर मामले की जांच कर रही है और इस तरह की एक छवि बनाई जा रही है, जैसे उनके खिलाफ अनेक मामले चल रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि आयकर रिटर्न से संबंधित उनके खिलाफ केवल एक ही मामला है, जो आयकर विभाग और अपीलीय प्राधिकरण के सम्मुख है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के परिसर पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से उनकी पुत्री के विवाह वाले दिन की गई छापेमारी विद्वेषपूर्ण एवं राजनीति से प्रेरित थी। उन्होंने हैरानी जताई की जांच एजेंसियों को ऐसी क्या जल्दी थी कि उन्होंने न्यायालय के भी आदेशों का इंतजार नहीं किया।
'पहले अपने नेताओं को नैतिकता का पाठ पढ़ाएं नड्डा'
मंत्रियों ने नड्डा से परामर्श दिया कि वे राज्य भाजपा में अपने नेताओं को नैतिकता का पाठ पढ़ाए, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इनमें एचपीसीए घोटाला, बैम्लोई घोटाला तथा गरीब भूमिहीन से पांच सितारा होटल के निर्माण के लिए भूमि हथियाना शामिल है। उन्होंने कहा कि अब वह प्रदेश सरकार द्वारा राज्य एवं राज्य से बाहर उन के नेताओं की बेनामी संपती की जांच के आदेशों की तपिश महसूस कर रहें हैं।
उन्होंने कहा कि अपने वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों पर अलग-थलग पड़ने के पश्चात भाजपा नेता देश के वरिष्ठतम कांग्रेस नेताओं में से एक तथा निश्चित तौर पर प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेता के खिलाफ मनघड़ंत एवं झूठे मामले बनाकर लोगों का ध्यान बांटने की कोशिश कर रहें हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा का दोगला चेहरा सबके सामने आ गया है तथा प्रदेश के लोग भाजपा की तुच्छ मानसिकता से भली-भांति परिचित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पूर्ण बहुमत के साथ लोकतांत्रिक तरीके से राज्य में सत्ता में आई है और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के गतिशील नेतृत्व में अपना कार्यकाल पूरा करेगी। दूसरों पर अंगुली उठाने से पूर्व नड्डा पहले अपने घर को व्यवस्थित करे।