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Himachal Cabinet Meeting: 31 अगस्त को हिमाचल कैबिनेट की बैठक, होंगे कई अहम फैसले
Mon, 29 Aug 2022 09:24 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 29 Aug 2022 09:24 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक 31 अगस्त को होगी। इसमें कई अहम फैसले होंगे। यह पेंशनरों की संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक के बाद होगी।
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हिमाचल कैबिनेट की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक 31 अगस्त को होगी। इसमें कई अहम फैसले होंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणाओं को धरातल पर लागू करने के बारे में चर्चा होगी। इसके अलावा कई स्वास्थ्य, शिक्षण और अन्य संस्थानों को स्तरोन्नत करने के भी निर्णय होंगे। यह पेंशनरों की संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक के बाद होगी।
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पेंशनरों की पहली जेसीसी बैठक के एजेंडे के लिए भेजे मामले
प्रदेश के पेंशनरों की पहली संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक के एजेंडे के लिए पेंशनरों के मामले भेजे गए हैं। इनमें प्रदेश के पेंशनरों को पंजाब की तर्ज पर वित्तीय लाभ देने का मामला प्रमुख है। अभी तक प्रदेश में संशोधित वेतनमान पड़ोसी राज्य पंजाब की तर्ज पर मिलते रहे हैं। हिमाचल प्रदेश पेंशनर कल्याण संघ ने सरकार से मामला उठाया है कि गैर राजनीतिक संघ के प्रतिनिधियों को भी जेसीसी में बुलाया जाए। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख पेंशनरों के लंबित मसले सुलझाने के लिए सरकार ने संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक आगामी 31 अगस्त को राज्य सचिवालय में बुलाई गई है। मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में पेंशनरों के प्रदेश, जिला और ब्लॉकों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जा रहा है। प्रदेश के पेंशनर लंबे समय से पंजाब की तर्ज पर 5, 10 और 15 फीसदी पेंशन वृद्धि 65, 70 और 75 साल में देने की मांग प्रमुखता से उठा रहे हैं। यह मसला लंबे समय से लंबित पड़ा है।
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मेडिकल भुगतान के लिए भी विकल्प दिया जाए। पेंशनरों को विकल्प रहे कि वे फिक्स मेडिकल 400 से 1000 रुपए मांग रहे हैं या फिरमेकल बिलों के आधार पर भुगतान हो। इस मांग पत्र में 1 जनवरी, 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को दिए जाने वाले वित्तीय लाभ लंबित पड़े हैं। इन पेंशनरों को दिए जाने वाले लाभ तुरंत दिए जाएं। छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत संशोधित पेंशन और एरियर एक मुश्त दिए जाए। पेंशनरों को हर दो साल में धार्मिक यात्रा के लिए एक माह की पेंशन बोनस के रूप में दी जाए।
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हिमाचल पेंशनर कल्याण संघ के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने कहा कि सरकार को संघ की ओर से 21 सूत्रीय मांग पत्र जेसीसी के लिए सौंपा गया है। एक जनवरी, 2016 के बाद रिटायर हुए पेंशनरों को पेंशन पर 2.57 फैक्टर लागू कर वित्तीय लाभ देने का मामला उठाया है। तय समय में पेंशनरों के मेडिकल बिलों का भुगतान किया जाए। जो पेंशनर 80 साल से ऊपर हैं, उनकी पेंशन में 5 फीसदी अतिरिक्त वृद्धि की जाए। आंखों के लेंस और कान में लगने वाले यंत्रों की धनराशि पर वृद्धि की मांग की गई है। जेसीसी में गैर राजनीतिक संघ के प्रदेश, जिला और ब्लॉक के प्रतिनिधियों को भी जेसीसी में बुलाया जाए।
आउटसोर्स नीति का मामला मंत्रिमंडल में जाएगा
वहीं, हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश के आउटसोर्स नीति का मामला मंत्रिमंडल में ले जाएंगे। इससे पहले मंत्रिमंडल उप समिति पर इस मामले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांग को लेकर सोमवार को मंत्री से मिला और आउटसोर्स नीति बनाने की मांग प्रमुखता से रखी। इससे पहले मत्री पहले ही कह चुके हैं कि सरकार निगम या बोर्ड के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारी रखने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।