हिमाचल कैबिनेट बैठक में लिए गए ये 15 बड़े निर्णय
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विधानसभा के मानसून सत्र के बीच शुक्रवार शाम को जयराम मंत्रिमंडल की बैठक विधानसभा सचिवालय में हुई। सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही के समाप्त होने के बाद शुरू हुई बैठक में मंत्रिमंडल ने कई अहम फैसले लिए।
जयराम मंत्रिमंडल ने प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों के लिए राज्य योजना बनाने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत स्कूल-कॉलेजों में शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जाएगा।
शुक्रवार को हुई बैठक में सामुदायिक वन संवर्धन योजना को भी मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना के तहत संयुक्त वन समितियों को 50 हेक्टेयर भूमि दी जाएगी। इस भूमि पर समितियां पौधों को रोपित करेंगी और उनको बेचकर आय अर्जित करेंगी।
इस आय में से दस प्रतिशत हिस्सा समितियों को दिया जाएगा जबकि शेष 90 फीसदी समिति के तहत पौधे रोपने वाले लोगों को दिया जाएगा। समितियों को पौधे विभाग मुहैया कराएगा। फेंसिंग भी विभाग ही करेगा। अगर कोई व्यक्ति नर्सरी लगाना चाहेगा तो सरकार उसे एक लाख रुपये तक की आर्थिक मदद भी मुहैया कराएगी।
पुरानी राहों से योजना को भी मंजूरी
मंत्रिमंडल के इस निर्णय को प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने की दृष्टि से बड़ा फैसला माना जा रहा है। मंत्रिमंडल ने बजट घोषणा में शामिल आज पुरानी राहों से योजना को भी मंजूरी दी।
इस योजना के तहत प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की स्मृतियों, एतिहासिक घटनाओं व विलुप्त या अनछुई सांस्कृतिक धरोहरों को सांस्कृतिक गाइड के माध्यम से बताया जाएगा। इससे सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की संस्कृति को धरोहर के रूप में सजोए रखने की कोशिश होगी।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने नालागढ़ में प्राइवेट आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज खोलने को मंजूरी दी है। इस कालेज में बीएएमएस की 60 सीटें चलाने को अनुमति दी गई है।
आयुर्वेद अस्पताल का दर्जा बढ़ाया
इसके साथ की कैबिनेट ने चंबा जिले के आयुर्वेद अस्पताल का दर्जा बढ़ाकर इसे 50 बिस्तर किए जाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा गगल में आईटी पार्क खोलने की भी मंजूरी दी गई। इसके निर्माण में 29.29 करोड़ रुपये व्यय होंगे।
वहीं नाहन विधानसभा क्षेत्र के तहत कोलर और सुरला में पीएचसी खोलने, रोनहाट में पुलिस चौकी खोलने, हमीरपुर के बेला में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने, रुलदू राम गर्ग स्नातक धर्म कॉलेज नैना
देवी को नैना देवी डिग्री कॉलेज में स्टाफ सहित मर्ज करने की अनुमति दी है। बैठक में एनजीटी के आदेशों के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सचिव की नियुक्ति के लिए नियम बनाने पर भी चर्चा हुई।
सौर ऊर्जा संयंत्र लगा सकेंगे बोनोफाइड हिमाचली, बोर्ड खरीदेगा बिजली
बोनोफाइड हिमाचलियों को स्वरोजगार देने के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई बैठक में 250 किलोवाट से 500 किलोवाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से 20 मेगावाट सौर ऊर्जा दोहन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इस योजना के तहत खाली भूमि पर प्रोजेक्ट लगाने वालों से बिजली बोर्ड बिजली खरीदेगा। प्रोजेक्ट शुरू होने के समय चल रहे टैरिफ के आधार पर बोर्ड बिजली खरीदेगा।
वर्तमान में 4.30 रुपये प्रति यूनिट के दाम पर बोर्ड सौर ऊर्जा खरीद रहा है। सरकार का मानना है कि इस योजना से जहां स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे वहीं बिजली बोर्ड पर लगी सौर ऊर्जा खरीदने की शर्त भी पूरी हो सकेगी।
सेवानिवृत्त प्रिंसिपलों की डीपीसी को मिली एकमुश्त छूट
शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके करीब 800 प्रिंसिपलों को स्थाई नियुक्ति देने और वित्तीय लाभ देने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने डीपीसी करने के लिए एकमुश्त छूट देने का फैसला लिया है। अब सेवानिवृत्त प्रिंसिपलों की डीपीसी राज्य लोकसेवा आयोग की जगह विभागीय स्तर पर हो सकेगी।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही 800 सेवानिवृत्ति प्रिंसिपलों को बैकडेट से स्थाई पदोन्नति और वित्तीय लाभ मिलने की राह आसान हो गई है।शिक्षा विभाग ने इन प्रिंसिपलों की डीपीसी करने से पहले विजिलेंस क्लीयरेंस ले ली है।
प्रिंसिपलों पर किसी तरह के कानूनी मामले दर्ज तो नहीं है, इसकी जांच के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस ली गई है। प्रिंसिपलों की डीपीसी राज्य लोकसेवा आयोग के स्तर पर होती है।
लेकिन इस मामले में करीब 800 प्रिंसिपल सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग अपने स्तर पर ही डीपीसी करवाना चाहता है। इसको लेकर मामला कैबिनेट में ले जाया गया।
23 लिपिकों को राहत देने की तैयारी में सरकार
मंत्रिमंडल की बैठक में टैक्सी का किराया बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में तर्क दिया गया कि वर्ष 2011 के बाद मीटर टैक्सी, प्रीपेड टैक्सी का किराया नहीं बढ़ा था। बैठक में किराये में 5 से 10 फीसदी किराया बढ़ाने पर चर्चा हुई।
प्रदेश सरकार ने सचिवालय सेवाओं में वर्ष 1995 में लगे 23 लिपिकों राहत देने जा रही है। इन लिपिकों 1995 से सचिवालय में एक ही पद पिछले कई सालों से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन इनकी पदोन्नति न होने के कारण वित्तीय हानि उठानी पड़ रही है।
अब सरकार इन्हें वरिष्ठ सहायक पद पर पदोन्नत करेगी। ये कर्मचारी तृतीय श्रेणी में 10 वीं पास थे। इस कारण इन लिपिकों की पदोन्नति में बाधा आ रही थी।