राज्य सचिवालय में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में वित्त वर्ष 2018-19 का अनुपूरक बजट पेश करने की मंजूरी प्रदान की गई। चार फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर भी मुहर लगाई गई। मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्रीय बजट को ऐतिहासिक करार देते हुए तारीफ की। बैठक में चार मंत्री सरवीण चौधरी, विपिन सिंह परमार, बिक्रम ठाकुर और किशन कपूर अनुपस्थित रहे।
कैबिनेट ने बजट में किसानों, गरीबों, महिलाओं, छात्रों, व्यापारियों और मध्यम वर्ग के लिए की कई बड़ी घोषणाओं की सराहना की हैं। बैठक में असंगठित क्षेत्र के कम से कम 10 करोड़ मजदूरों और श्रमिकों को पेंशन लाभ प्रदान करने और आयकर सीमा में 5 लाख रुपये तक की छूट, स्टांप शुल्क में सुधार और रक्षा बजट को 3 लाख करोड़ से अधिक करने की भी सराहना की गई।
कैबिनेट ने केंद्रीय बजट में नई योजना प्रधानमंत्री किसान निधि की घोषणा का भी स्वागत किया। इसके तहत 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य भूमि वाले किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की प्रत्यक्ष आय समर्थन प्रदान करने के लिए और गायों के संरक्षण व संवर्धन के लिए 'राष्ट्रीय कार्यधेनु आयोग की स्थापना का भी स्वागत किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग सभी किसान लाभान्वित होंगे।
कैबिनेट ने असंगठित क्षेत्र के कम से कम 10 करोड़ मजदूरों और कामगारों को पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए 'प्रधानमंत्री श्रम-योगी महाधन' की घोषणा करने के निर्णय की सराहना की, जो अगले पांच वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी पेंशन योजनाओं में से एक होगी।
मंत्रिमंडल ने शिमला जिले के राजकीय माध्यमिक पाठशाला शामला को उच्च पाठशाला और राजकीय उच्च पाठशाला दनयाणा को माध्यमिक पाठशाला का दर्जा देने के अलावा इन स्कूलों में विभिन्न श्रेणियों के 10 पद सृजन को मंजूरी दी।