एक क्लिक में पढ़िए हिमाचल कैबिनेट के ये 20 बड़े फैसले
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हिमाचल में अनुबंध पर तैनात हजारों पीटीए शिक्षकों के लिए अच्छी सूचना है। प्रदेश सरकार ने उनका मानदेय बढ़ा दिया है। सरकार ने पीटीए शिक्षकों के ग्रांट इन एड 75 से बढ़ाकर 90 फीसदी कर दी है। इस फैसले से पीटीए शिक्षकों का डेढ़ हजार से ढाई हजार रुपये प्रतिमाह लाभ होने की उम्मीद है।
इससे प्रदेश के खजाने पर 3.27 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। कैबिनेट बैठक में दूसरा बड़ा फैसला शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जलवाहकों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 1700 रुपये प्रतिमाह करने का लिया गया।
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी। बैठक में प्रदेश के हजारों ग्राम सेवकों को भी तोहफा दिया गया। सरकार ने उनके मासिक मानदेय को 3600 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने को मंजूरी दे दी है। इससे भी हजारों ग्राम सेवकों को लाभ मिलेगा।
निजी स्कूलों पर सख्ती
वीरभद्र कैबिनेट का चौथा फैसला स्कूलों से जुड़ा है। इसमें गरीब परिवारों के बच्चों को एडमिशन देने के मामले में हिमाचल सरकार ने निजी स्कूलों पर सख्ती कर दी है। इन स्कूलों में कुल संख्या का 25 फीसदी दाखिला कमजोर वर्गों के बच्चों को करना होगा। राज्य मंत्रिमंडल ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गाइडलाइंस अपनाने को मंजूरी दे दी है।
यह व्यवस्था तमाम गैर सरकारी मदद प्राप्त स्कूलों पर लागू होगी। मंत्रिमंडल की ओर से ये ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी होने के बाद अब प्रदेश के हजारों निजी स्कूलों के लिए कुल दाखिल बच्चों में से समाज के कमजोर वर्गों के 25 फीसदी दाखिला देना जरूरी हो गया है।
यह दाखिला बीपीएल परिवारों से संबंधित या विकलांगता से युक्त बच्चों को देना होगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जाति परिवारों के बच्चों को भी प्राथमिकता देनी होगी। यह मालूम रहे कि आरटीई के तहत ऐसा करने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश पहले से ही हैं, मगर अब इसे सरकार सख्ती से लागू करेगी। ऐसा नहीं करने पर सरकार ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करेगी।
स्कूलों की ग्रांट पर भी फैसला
अपने पांचवें फैसले में मंत्रिमंडल ने यह भी तय किया है कि सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के साथ लगते सरकारी मिडिल स्कूलों में 40 से कम बच्चे नहीं होने चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो साथ लगते निजी स्कूल की ग्रांट रोक दी जाएगी।
अगर सरकारी प्राइमरी स्कूल में 25 से कम बच्चे हैं तो भी सरकारी सहायता प्राप्त समीप के निजी स्कूल को ग्रांट नहीं मिलेगी। हालांकि, ऐसे स्कूलों पर भी कमजोर वर्गों के बच्चों को 25 प्रतिशत दाखिला देने की शर्त रहेगी।
राज्य में खुलेगा ‘हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम’
छठा फैसला कौशल विकास निगम से जुड़ा है। राज्य में जल्द ही ‘हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम’ की स्थापना की जाएगी। बुधवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
निगम की स्थापना मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में की जाएगी, जिसमें प्रदेश के चार मंत्रियों को सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस की घोषणा अपने पिछले बजट अभिभाषण में की थी। बैठक में हुए फैसले के अनुसार तकनीकी शिक्षा मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा शिक्षा मंत्री को निगम का सदस्य बनाया जाएगा।
यह कदम सार्वजनिक -निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत लिया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के कौशल विकास को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सके। लंबे समय से युवा कांग्रेस की ओर से इसकी मांग की जा रही थी, जबकि केंद्र की मोदी सरकार ने भी अलग से कौशल विकास मंत्रालय की स्थापना की है।
45 दिन में ही स्वीकृतियां
सातवां फैसला-मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण के अनुरूप प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए 45 दिनों के भीतर सभी स्वीकृतियां प्रदान करने के दृष्टिगत राज्य स्तरीय एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की स्वीकृतियां प्रदान करने की प्रक्रिया को संशोधित करने को मंजूरी प्रदान की गई।
इसके तहत सभी नए प्रस्तावों के लिए नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा, जो विभिन्न विभागों से औद्योगिक प्रस्तावों की स्वीकृति के लिए सहयोग प्रदान करेगा। सभी संबंधित विभाग औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए निर्धारित समयावधि में स्वीकृतियां प्रदान करना सुनिश्चित बनाएंगे।
वृद्धाश्रमों के लिए अनुदान अनुग्रह राशि
आठवां फैसला- बजट सत्र के दौरान की गई घोषणा के अनुसार एकीकृत वृद्धजन योजना को संशोधित करने का निर्णय लिया है। यह भी निर्णय लिया गया है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग वृद्धाश्रमों के लिए अनुदान अनुग्रह राशि के रूप में आंशिक वित्तीय सहायता प्रदान करने में सक्षम होगा, जिससे वृद्धजनों की देखभाल के लिए समाज एवं सामाजिक संगठनों की भागीदारी को बढ़ावा मिल सके।
नौंवा फैसला-नींबू प्रजाति के फलों के प्रापण के लिए मंडी मध्यस्थता योजना को जारी रखने का निर्णय। इस योजना से बी-श्रेणी के 500 मीट्रिक टन किन्नू, माल्टा और संतरा की 6.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद की जाएगी। जबकि 100 मीट्रिक टन गलगल की खरीद 5 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जाएगी।
ये भी लिए गए फैसले
10वां फैसला- शिमला जिले के गुम्मा और चौपाल तहसील की पंचायत देवात में पीएचसी खुलेगा। सीएचसी रोहांडा में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ के 10 पद सृजित होंगे। स्वास्थ्य विभाग में आप्थेलेमिक अफसर का एक पद अनुबंध आधार पर भरा जाएगा।
11वां- प्रारंभिक शिक्षा विभाग में रिक्त पदों के विरुद्ध कनिष्ठ कार्यालय सहायकों (सूचना प्रौद्योगिकी) के 100 पद अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से भरने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। 12वां-योजना विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायकों के 9 पद अनुबंध पर भरेंगे।
13वां- राज्य के 15 अग्निशमन केन्द्रों में लीडिंग फायरमैन के 15 पद पदोन्नति के आधार पर, ड्राइवर एवं पंप ऑपरेटरों के 30 पद और फायरमैन के 45 पद अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे। सीएचसी रोहांडा में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ के 10 पद सृजित होंगे। इसके अलावा कुछ अन्य रिक्त पद भरे जाएंगे।
ये फैसले भी रहे अहम
14वां- जनजातीय विकास विभाग में सांख्यिकी सहायक के दो पद और योजना विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक का एक पद अनुबंध आधार पर भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
15वां- शिमला ग्रामीण के सुन्नी, मंडी जिला के सरकाघाट, बिलासपुर जिला के घुमारवीं और कांगड़ा जिला के बैजनाथ में अग्निशमन केन्द्र खोलने का निर्णय लिया गया।
16वां- सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के दुर्गम क्षेत्र गिरिपार आंज बोझ के भराली, सोलन जिले के बरोटीवाला, मंडी जिले के पनारसा में पदों के सृजन के साथ नए राजकीय डिग्री कालेज खोलने की स्वीकृति प्रदान की।
17वां- सुंदरनगर स्थित विशेष दक्षता बालक संस्थान (आईसीएसए) के लिए प्रधानाचार्य का एक पद नियमित आधार पर सृजित करने को मंजूरी प्रदान की।
18वां- प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर निर्मित होने वाले खाद्य भंडारण गृहों के लिए भारतीय खाद्य निगम को पट्टे पर दी जाने वाली भूमि के पंजीकरण शुल्क और स्टॉंप शुल्क में छूट।
19वां- टौंस नदी बनने वाले 660 मेगावाट के किसाऊ बांध के लिए उत्तराखंड सरकार के साथ एमओयू करने पर सहमति। शिमला के चौपाल के देआ में शराब ठेका बन्द करने को अपनी मंजूरी प्रदान की
20वां- एनएच -21 को फोरलेन में बदलने के लिए नालागढ़ में भू-अधिग्रहण इकाई स्थापित करने को मंजूरी प्रदान की।