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Himachal Cabinet: सुक्खू सरकार में ये सात विधायक बने मंत्री, राजभवन में ली शपथ, तीन पद अभी रहेंगे खाली
Sun, 08 Jan 2023 07:49 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 08 Jan 2023 07:49 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश सरकार में सात मंत्री बनाए गए हैं। रविवार को राजभवन शिमला में मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। तीन पद अभी खाली रहेंगे।
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मंत्री पद की शपथ लेते चंद्र कुमार।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार का एक माह से चल रहा संस्पेस आखिरकार रविवार को खत्म हो गया। सुक्खू सरकार में सात कैबिनेट मंत्रियों और छह मुख्य संसदीय सचिवों ने शपथ ले ली है। धनीराम शांडिल, चंद्र कुमार, हर्षवर्द्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह मंत्री बनाए गए।
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रविवार को इन सातों मंत्रियों को राजभवन शिमला में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शपथ दिलाई। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, मोहन लाल ब्राक्टा, रामकुमार चौधरी, आशीष बुटेल, किशोरी लाल और संजय अवस्थी मुख्य संसदीय सचिव बनाए गए हैं। मुख्य संसदीय सचिवों को भी कैबिनेट रैंक दिया गया है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांग्रेस आलाकमान से मंत्रणा के बाद मंत्रिमंडल तय कर दिया है। नए मंत्रिमंडल में कांगड़ा जिला को शिमला से कम तरजीह मिली है। 15 सीटों वाले प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा को पांच सीटों वाले छोटे जिला सोलन के बराबर तवज्जो मिली है। यानी एक-एक मंत्री और दो-दो सीपीएस ही दिए गए हैं। अभी कैबिनेट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के जिला बिलासपुर को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
मंडी से भी कांग्रेस को मिले एकमात्र विधायक चंद्रशेखर को कोई पद नहीं मिला है। नए बनाए गए मंत्रियों में से रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह शिमला जिले से हैं। कांगड़ा जिले से चंद्र कुमार, सोलन से धनीराम शांडिल, सिरमौर से हर्षवर्द्धन चौहान और किन्नौर से जगत सिंह नेगी मंत्री बनाए गए हैं। वर्तमान में राज्य में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के अलावा कुल 10 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
तीन मंत्रियों के पद खाली रखे गए हैं। कैबिनेट मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) को अभी विभाग नहीं बंटे हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर ही कयास लगाए जा रहे हैं। सात मंत्रियों में से तीन विक्रमादित्य सिंह, अनिरुद्ध सिंह और रोहित ठाकुर युवा हैं। अनिरुद्ध 45 वर्ष के हैं, जबकि विक्रमादित्य 33 वर्ष के हैं। वहीं, रोहित ठाकुर 48 वर्ष के हैं।
मंत्रिमंडल में सुक्खू खेमे को तरजीह
मंत्रिमंडल में सुक्खू खेमे को तरजीह मिली है। हर्षवर्द्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर और अनिरुद्ध सिंह सुक्खू खेमे से हैं, जबकि चंद्र कुमार पूर्व में वीरभद्र सिंह के करीबी रह चुके हैं और धनीराम शांडिल तो कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रह चुके हैं। ये दोनों नेता वीरभद्र सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। विक्रमादित्य सिंह तो पूर्व सीएम दिवंगत वीरभद्र सिंह और वर्तमान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के पुत्र हैं।
कैबिनेट विस्तार जल्द होगा: सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कैबिनेट का विस्तार भी जल्द होगा। उन्होंने हाईकमान को दस विधायकों की सूची दी थी, जिनमें से सात बनाए गए हैं। सीएस की नियुक्ति वैधानिक पड़ताल के बाद ही की गई है।