फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal BJP results of the by-elections may some change in the BJP

Himachal BJP: उपचुनाव के परिणामों से भाजपा में बज सकती है बदलाव की घंटी, केंद्रीय नेतृत्व लेगा कड़ा संज्ञान!

Mon, 15 Jul 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 15 Jul 2024 05:00 AM IST
सार

हिमाचल में दोनों ही उपचुनाव के नतीजे अपेक्षा के अनुसार नहीं रहने पर भाजपा में बदलाव हो सकता है। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुलाई जा रही है। इसमें कई विषयों पर चर्चा हो सकती है।

विज्ञापन
Himachal BJP results of the by-elections may some change in the BJP
भाजपा का चिन्ह - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

भाजपा में बदलाव की घंटी बज सकती है। दोनों ही उपचुनाव के नतीजे अपेक्षा के अनुसार नहीं रहने पर मौजूदा नेतृत्व को इसका जवाब देना पड़ सकता है। केंद्रीय नेतृत्व हिमाचल प्रदेश के मौजूदा सियासी हालात पर कड़ा संज्ञान ले सकता है। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुलाई जा रही है। इसमें कई विषयों पर चर्चा हो सकती है। यह भी विषय हो सकता है कि इन नतीजों का केंद्रीय नेतृत्व को क्या जवाब दिया जाए।

विज्ञापन


हालांकि, उपचुनाव के नतीजों के बाद भाजपा का विधानसभा के अंदर तो कोई नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि भाजपा ने विधानसभा में तीन सीटों पर बढ़त ही हासिल की है। विधानसभा में भाजपा का संख्या बल 25 से 28 हो चुका है। जिस तरह की सियासी उठक-बैठक प्रदेश भाजपा के नेता इन उपचुनावों के दौरान करते रहे हैं, नतीजे उसके अनुसार नहीं आए हैं। भाजपा का प्रदेश नेतृत्व बार-बार हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के गिर जाने का प्रचार करता रहा। यही नहीं, लोकसभा चुनाव के दौरान भी प्रादेशिक नेताओं के फीडबैक के चलते राष्ट्रीय नेता भी यह कहने को मजबूर हो गए कि यह सरकार ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है। परिणाम इसके ठीक उलट आए हैं। इसका एक खराब संदेश गया है।
विज्ञापन

 

क्रॉस वोटिंग के बाद छह विधायक छिटकने के बावजूद दो उपचुनाव के बाद कांग्रेस के विधायकों का संख्या बल पूर्ववत 40 हो गया है। इससे अब वर्तमान कांग्रेस सरकार पर कोई संकट नजर नहीं आ रहा है, बल्कि उल्टा सरकार परेशानी से उबर चुकी है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से भाजपा के प्रादेशिक नेता बैकफुट पर हैं। इन तमाम परिस्थितियों में भाजपा के अंदर संगठन में कई स्तरों पर बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। एक तो पार्टी में ऐसे नेताओं की लंबी सूची बन चुकी है, जिन्होंने भितरघात कर नुकसान पहुंचाया। इस पर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में निर्णय हो सकते हैं। कई जिला और मंडल पदाधिकारियों पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करने की गाज गिर सकती है। प्रदेश स्तर के कई नेताओं पर भी निष्क्रियता और असफलता के लिए गाज गिर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed