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कांगड़ा के बाद भाजपा नेताओं की शिमला में भी खींचतान शुरू
Tue, 29 Sep 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 29 Sep 2020 05:00 AM IST
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मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा
- फोटो : अमर उजाला
कांगड़ा के बाद अब शिमला में भी भाजपा नेताओं में खींचतान शुरू हो गई है। मुख्य सचेतक एवं जुब्बल-कोटखाई के भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उनके निवास स्थान ओकओवर में मुलाकात की है। करीब दो घंटे की इस मुलाकात में बरागटा ने उनके हलके में एक नेता के हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि बरागटा ने कुछ सबूत भी सौंपे हैं। इन सबूतों में उनके हलके में हुए अंधाधुंध तबादलों सहित कई मामलों को उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार कुछ समय पहले शिमला शहर में एक युवा नेता के सक्रिय होने से शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के समर्थक नाराज थे।
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वहीं, जुब्बल कोटखाई में भारद्वाज के कुछ समर्थक भी बरागटा के समर्थकों को अखर रहे थे। मौजूदा मामला भी इसी प्रकरण से जुड़ा माना जा रहा है। बरागटा ने सीएम से कहा है कि एक नेता उनके विधानसभा क्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्हें राजनीतिक तौर पर कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने सीएम से ऐसे नेता के खिलाफ अंकुश लगाने का निवेदन किया है। साथ ही कहा कि अगर शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं की गई तो यह संगठन की दृष्टि से घातक हो सकता है। बरागटा ने कहा कि वह जल्द भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, संगठन मंत्री पवन राणा और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व से उनके विधानसभा क्षेत्र के कुछ नेताओं की ओर से अनावश्यक हस्तक्षेप करने के मामले में मिलेंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने एक अक्तूबर को मिलने का समय दिया है।
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