धर्मशाला: ढगवार में बनेगा हिमाचल का सबसे बड़ा मिल्क प्लांट, टेंडर आवंटित
विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला के ढगवार में आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रदेश का सबसे बड़ा मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनेगा।
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हिमाचल प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला के ढगवार में आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रदेश का सबसे बड़ा मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनेगा। प्रदेश सरकार से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग ने निर्माण कार्य का टेंडर अवार्ड कर दिया है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को इस प्लांट के निर्माण का जिम्मा सौंपा है। संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी ने निर्माण स्थल पर मशीनरी पहुंचा दी है। पुराने भवनों को गिराने और जमीन को समतल करने का काम शुरू हो गया है।
राजस्व विभाग ने पशुपालन विभाग के नाम पर 76 कनाल भूमि हस्तांतरित कर दी है। प्रदेश सरकार के इस प्लांट के लिए नाबार्ड से 201 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
मिल्क फेडरेशन को पहली किस्त के तौर पर 60 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। प्लांट के तैयार होने के बाद हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन इस दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट का संचालन करेगा। पशुपालकों को इस अत्याधुनिक मिल्क प्लांट का लाभ मिलेगा। साथ ही दुग्ध कारोबार करने वाले सहकारी सभाओं की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। किसानों और पशुपालकों को घर-द्वार पर ही दूध के उचित दाम मिलेंगे। उन्हें दूध बिक्री के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। पशुपालन विभाग की ओर से दूध एकत्रीकरण सोसायटियों का भी गठन किया जा रहा है।
प्रति दिन 1.50 लाख लीटर का होगा प्रसंस्करण
आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट में रोजाना 1.50 लाख लीटर दूध को प्रसंस्करण होगा। दूसरी तरफ दूध से बनने वाले उत्पादों की संख्या में भी इजाफा होगा। दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, खोया और मोजेरेला चीज सहित कई तरह के उत्पाद यहां तैयार किए जाएंगे। ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट को स्तरोन्नत करने का मुख्य उद्देश्य कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के किसानों की आर्थिकी को मजबूत करना है। इस समय परेल, लालसिंघी, बिंद्राबन, जलारी, बंगाणा और मिलवां से दूध यहां प्रसंस्करण के लिए आ रहा है। महत्वाकांक्षी योजना 1.50 लाख लीटर प्रति दिन (एलएलपीडी) प्रसंस्करण करने की है, जिसे संभावित रूप से तीन एलएलपीडी तक बढ़ाया जा सकता है। वर्ष 1986 में स्थापित इस प्लांट की वर्तमान में क्षमता 20 हजार लीटर प्रतिदिन की है।
ढगवार में आधुनिक सुविधाओं से लैस मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनेगा। प्रदेश सरकार से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग ने निर्माण कार्य का टेंडर अवार्ड कर दिया है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को प्लांट के निर्माण का जिम्मा सौंपा है।
-डॉ. विकास सूद, प्रबंध निदेशक, राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ